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चिनाब नदी पर सलाल और बगलिहार डैम बंद, सूखने लगा पाकिस्तान का गला, क्या-क्या होगा असर?

सिंधु नदी संधि को स्थगित रखने के भारत के फैसले ने पाकिस्तान में चिंता पैदा कर दी है। पाकिस्तान की सिंधु नदी प्रणाली प्राधिकरण (IRSA) सलाहकार समिति ने सोमवार को भारत द्वारा कम आपूर्ति के कारण मारला में चिनाब नदी के प्रवाह में अचानक कमी पर गहरी चिंता जताई।

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पाकिस्तान को मिल रहा सबक

Photo : ANI

Baglihar Dam On Chenab River Closed: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान की हेकड़ी निकालने का पूरा इंतजाम कर लिया है। सबसे बड़ा झटका सिंधु जल संधि को स्थगित करके दिया है। अब इसका असर दिखने भी लगा है। युद्ध की गीदड़भभकी पर उतरा पाकिस्तान अपनी करनी भुगत रहा है। चेनाब नदी पर बने दो बांधों के गेट बंद कर भारत ने बता दिया कि इस बार उसका इरादा सख्त कार्रवाई करने का है। जम्मू और कश्मीर के रियासी क्षेत्र से मिली नवीनतम तस्वीरों में चिनाब नदी पर सलाल बांध के सभी द्वार बंद दिखाई दे रहे हैं। वहीं, रामबन से आई तस्वीरों में चेनाब नदी पर बगलिहार जलविद्युत परियोजना बांध के सभी द्वार भी बंद दिखाई दिए।

स्थानीय लोगों ने भी किया समर्थन

भारत के इस कदम को क्षेत्र के निवासियों का पुरजोर समर्थन मिला है। उन्होंने पाकिस्तान की कार्रवाइयों की निंदा की है और चेतावनी दी है कि लगातार उकसावे से युद्ध हो सकता है। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए एक स्थानीय निवासी ने पाकिस्तान के लगातार दखल और शत्रुतापूर्ण रुख के बारे में गहरी निराशा जताई। सीमा पार गतिविधियों और बढ़ते तनाव के पैटर्न का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, पाकिस्तान के लिए बुरे दिन आ रहे हैं क्योंकि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि वे क्या कर रहे हैं। आप (पाकिस्तान) विनाश के रास्ते पर जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि पाकिस्तान अपने कारनामों के नतीजों को अनदेखा कर रहा है।

पाकिस्तान के माथे पर पसीना

इस बीच, सिंधु नदी संधि को स्थगित रखने के भारत के फैसले ने पाकिस्तान में चिंता पैदा कर दी है। पाकिस्तान की सिंधु नदी प्रणाली प्राधिकरण (IRSA) सलाहकार समिति ने सोमवार को भारत द्वारा कम आपूर्ति के कारण मारला में चेनाब नदी के प्रवाह में अचानक कमी पर गहरी चिंता जताई। इसके परिणामस्वरूप शुरुआती खरीफ मौसम के दौरान पाकिस्तान में 21% पानी की कमी हो सकती है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने सीमा पार आतंकवाद के समर्थन के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कड़े जवाबी कदम उठाए हैं। 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक में, भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को तब तक स्थगित रखने का फैसला किया था।

होगा क्या-क्या असर

भारत ने चिनाब नदी पर बगलिहार और सलाल बांध के गेट बंद कर दिए हैं, जिससे पाकिस्तान में पानी का प्रवाह कम हो गया है। यह कदम सिंधु जल संधि को स्थगित करने के बाद उठाया गया है। भारत के इस कदम से पाकिस्तान में चिनाब नदी का जल स्तर कम हो गया है। इससे पाकिस्तान की कृषि और पर्यावरण पर बुरा असर पड़ सकता है। खबर है कि पाकिस्तान ने पानी की कमी को देखते हुए किसानों से धान की बुवाई कुछ दिनों के लिए रोकने को कहा है। अगर इसमें देरी होती है तो पाकिस्तान को बहुत बड़ा झटका लगेगा और उसकी कमजोर अर्थव्यवस्था और बुरी तरह से चरमरा जाएगी। इससे किसानों को भी भारी नुकसान होगा और कृषि व्यवस्था को गहरी चोट पहुंचेगी।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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