Times Now Navbharat Explainer: इन दिनों पूरा यूरोप एक अप्रत्याशित और भयंकर हीटवेव (लू) की चपेट में है। आसमान से बरसती आग ने लोगों का जीना बेहाल कर दिया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि फ्रांस (France Heatwave Red Alert) जैसे विकसित देश को अपने कई शहरों में 'रेड अलर्ट' घोषित करना पड़ा है। हालात को नियंत्रण में रखने के लिए फ्रांस सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब के सेवन और बाहरी खेल गतिविधियों (Outdoor Sports) पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया है, कलाकारों के कॉन्सर्ट रद्द हो रहे हैं और लोग गर्मी से बचने के लिए किसी भी तरह पानी के स्रोतों की तलाश में भटक रहे हैं।
फ्रांस में रेड अलर्ट के कारण सख्त पाबंदियां
फ्रांस का लगभग एक-तिहाई हिस्सा इस समय बहुत ज्यादा गर्मी की मार झेल रहा है। कई इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। भारत जैसे देशों के विपरीत, फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों के घरों में AC का चलन बहुत कम है, जिससे लोगों के लिए इस गर्मी को बर्दाश्त करना नामुमकिन हो रहा है। रविवार को फ्रांस का फेमस 'म्यूजिक डे' (Music Day) था, जिसमें देश-विदेश के लाखों लोग शामिल होते हैं।

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लेकिन सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव कम करने के लिए कई कार्यक्रम रद्द कर दिए और रेड अलर्ट वाले इलाकों में शराब पीने पर पूरी तरह रोक लगा दी। अधिकारियों का मानना है कि शराब पीने से शरीर में पानी की कमी तेजी से होती है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन चाहता है कि डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ इस समय केवल सबसे कमजोर और बुजुर्ग लोगों की जान बचाने पर ध्यान केंद्रित करें।
पानी की चाहत और हादसों का सताता डर
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग स्विमिंग पूल, नदियों और नहरों का रुख कर रहे हैं। लेकिन यह कोशिश कई परिवारों के लिए मातम में बदल गई है। फ्रांस में शनिवार को ही चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई। वहीं जर्मनी में भी राइन नदी में तैरने गए कई लोग लापता हैं। पेरिस की प्रसिद्ध 'कैनाल सेंट मार्टिन' पर युवाओं की भारी भीड़ देखी जा रही है, जो पुलिस की मनाही के बावजूद गंदे पानी में ही सही, लेकिन खुद को ठंडा रखने के लिए पुलों से छलांग लगा रहे हैं।

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गर्मी से पूरा यूरोप बेहाल
स्पेन: स्पेन में भी गर्मी (Europe Heatwave) ने शुरुआती सीजन में ही रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां के उत्तरी और आमतौर पर ठंडे रहने वाले बास्क क्षेत्र में भी तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंच गया है, जिसके बाद सभी आउटडोर सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
इटली: इटली के आठ प्रमुख शहरों में 'रेड फ्लैग' जारी की गई है। मिलान शहर के बाहर एक डेयरी फार्म में गायों को गर्मी से बचाने के लिए बड़े-बड़े पंखे और स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। रोम आने वाले पर्यटक वहां के ऐतिहासिक फव्वारों के पानी से खुद को ठंडा रखने की कोशिश कर रहे हैं।
जर्मनी और यूके: जर्मनी में तापमान 39 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि ब्रिटेन (UK) के मौसम विभाग ने भी दक्षिणी इंग्लैंड के लिए 'एक्सट्रीम हीट' की चेतावनी जारी की है।

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जलवायु परिवर्तन की कड़वी सच्चाई
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में यूरोप के भीतर गर्मी और लू के कारण 2 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि इंसानी गतिविधियों की वजह से हो रहा जलवायु परिवर्तन (Climate Change) ही इस चरम मौसम के लिए जिम्मेदार है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की मौसम एजेंसी ने चेतावनी दी है कि आने वाले पांच सालों में गर्मी के पिछले सारे रिकॉर्ड टूट सकते हैं।
फ्रांस सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे भविष्य में आने वाली ऐसी हीटवेव से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करें, जिसमें जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक और आवासीय इमारतों में एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था करना भी शामिल है। फिलहाल, सोमवार के लिए फ्रांस के 845 स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया है, क्योंकि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिन और भी ज्यादा खौफनाक हो सकते हैं।
