Varun Badola On Not Watching Satluj: पंजाबी एक्टर दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' (Satluj) इन दिनों लगातार चर्चा में बनी हुई है। लगभग 3 साल ताल डिले की जाने के बाद मेकर्स ने इसे चुपचाप ओटीटी प्लेटफॉर्म पर 3 जुलाई को ZEE5 पर ऑनलाइन रिलीज कर दिया था। इस मूवी को ऑनलाइन पेश करने के 48 घंटों के बाद इसे दुनिया भर में बैन कर दिया गया। 'सतलुज' से पहले इसका नाम 'पंजाब 95' था। फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालरा की भूमिका निभाई है। ओटीटी से हटाए जाने के बाद भी इस मूवी को कईयों ने देख लिया है। हैरानी की बात यह है कि 'सतलुज' का हिस्सा होने के बाद भी वरुण बडोला (Varun Badola) ने अभी तक फिल्म नहीं देखी है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में वरुण ने इस मूवी को ना देखने का कारण बताया है। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Salman Khan के डैशिंग लुक ने इंटरनेट पर मचाया तहलका, फैन्स को याद आई भाईजान की 'वांटेड' एनर्जी)
जानिए वरुण बडोला ने क्यों नहीं देखी 'सतलुज'?
News18 से बात करते हुए वरुण बडोला ने बताया कि उन्होंने दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' क्यों नहीं देखी है? इसके अलावा उन्होंने ओटीटी से फिल्म को हटाए जाने पर भी रिएक्शन दिया। वरुण धवन ने कहा कि उन्होंने देखा है कि लोग सोशल मीडिया पर इस मूवी को लगातार देख रहे हैं। मगर उनका एक नियम है, जब तक यह मूवी सिनेमाघरों में नहीं आएगी वो इसे नहीं देखेंगे। वरुण ने कहा, 'हम पाइरेसी के खिलाफ लड़ रहे हैं। मैं जानता हूं कि सिचुएशन एकदम अलग है लेकिन फिर भी मैं पाइरेसी का समर्थन नहीं करना चाहता हूं। मैं पाइरेटेड वर्शन नहीं देखूंगा। इस रूल को मैंने हमेशा फॉलो किया है।' (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Dhamaal 4 Box office Day 3: अजय देवगन स्टारर के नाम का बजा डंका, कमाई रही इतने करोड़)

Satluj
'सतलुज' बैन पर बोले वरुण बडोला
वरुण बडोला ने 'सतलुज' पर लगे बैन पर रिएक्शन दिया। उन्होंने 'सतलुज' को हटाए जाने को 'दिन-दहाड़े डकैती' बताया। उन्होंने कहा, 'कभी-कभी, सत्ता में बैठे लोगों को लगता है कि सुधार होना चाहिए। वो अच्छी तरह जानते हैं कि उन्होंने हमारी फिल्म पर रोक क्यों लगाईं है।' वरुण का कहना है कि अधिकारियों को 'सतलुज' बैन करने से पहले इसे देखना चाहिए थे। पंजाब में सतलुज की अवैध पब्लिक स्क्रीनिंग के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इंटर-डिपार्टमेंटल कमिटी ने दिलजीत दोसांझ की इस फिल्म को देखा और कहा कि इसे देश में आम लोगों के लिए बंद ही रखना चाहिए।
