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Filmfare OTT Awards 2025: पहली बार बेस्ट एक्टर बनने पर गदगद हो गए थे जयदीप अहलावत, कहा- 'मैं बहुत भाग्यशाली था...'

Filmfare OTT Awards 2025 Press conference: फिल्मफेयर ओटीटी अवॉर्ड्स 2025 का छठा सीजन अब बस आने ही वाला है। ये अवॉर्ड शो 15 दिसंबर 2025 को मुंबई में होने जा रहा है। आज फिल्मफेयर ओटीटी अवार्ड्स 2025 को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखा गया है, जिसमें जयदीप अहलावत शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कई खुलासे किए।

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pic credit- zoom tv

Filmfare OTT Awards 2025 Press conference: फिल्मफेयर ओटीटी अवार्ड्स 2025 को लेकर एक नई खबर सामने आई है। फिल्मफेयर ओटीटी अवॉर्ड्स 2025 का छठा सीजन अब बस आने ही वाला है। ये अवॉर्ड शो 15 दिसंबर 2025 को मुंबई में होने जा रहा है। इस बीच इस साल की नॉमिनेशन लिस्ट भी सामने आ गई है। आज फिल्मफेयर ओटीटी अवार्ड्स 2025 को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखा गया है, जिसमें जयदीप अहलावत और सान्या मल्होत्रा जैसे सितारे शामिल हुए। इस दौरान जयदीप अहलावत और सान्या मल्होत्रा ने इस बात पर चर्चा की कि इन पुरस्कारों ने उनके करियर को कैसे बदल दिया है। आइए नजर डालते है इस रिपोर्ट पर...

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जयदेव अहलावत ने कही ये बात

आज मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, अभिनेता जयदीप अहलावत और सान्या मल्होत्रा अवॉर्ड्स पर चर्चा की। उन्होंने 2020 में 'पाताल लोक' के लिए बेस्ट अभिनेता का पुरस्कार जीतने के बारे में अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा, 'जब फिल्मफेयर अवार्ड्स टीवी पर आते थे, तो यह एक बहुत बड़ी बात हुआ करती थी। मैं बस उन पलों के बारे में सोच रहा था, और आज मैं यहां बैठा हूं यहां होना एक बहुत ही सौभाग्य की बात है। और ओटीटी अवार्ड्स के इतिहास में मैं पहला सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के रूप में जाना जाऊंगा। मैं बहुत लकीथा कि मैंने उन पलों को याद किया और अब यह छठा संस्करण है। मैंने पांच संस्करणों में तीन फ़िल्मफ़ेयर जीते हैं। मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मैं इतने प्रतिभाशाली लोगों से घिरा हुआ हूँ और इन अद्भुत लोगों के साथ फिल्म निर्माण की इस दुनिया को साझा कर रहा हूं। महान काम की सराहना के लिए धन्यवाद।

पाताल लोक से मिली जयदीप को पहचान

जयदीप अहलावत ने आगे कहा, ' यह भी याद किया कि जब उन्होंने काम करना शुरू किया था, तब वह कुछ पहचान की तलाश में थे, जो मिलने में थोड़ी देर हो गई थी। जयदीप ने कहा, "मैंने अपने करियर की शुरुआत महान प्रियदर्शन, अनुराग कश्यप सर, और उसके बाद कमल हासन, विपुल शाह के साथ की और फिर 'राज़ी' तक, मैं काफी बड़े लोगों के साथ काम कर रहा था, लेकिन पहचान नहीं मिल रही थी। मुझे लगता है कि 'राजी' के बाद एक बड़ा बदलाव आया। 'पाताल लोक' ने मुझे तेजी से पहचान दिलाई। मुझे वह अच्छी तरह याद है। मेरे पास इस सीरीज की बहुत यादें हैं। मैंने 30 सेकंड में महसूस किया कि अगर 'पाताल लोक' को ठीक वैसे ही डिलीवर किया जाता है जैसा वह लिखा गया है, तो मेरे करियर में कुछ अच्छा होगा। एक सेकंड के बाद, मेरे मन में एक और विचार आया अगर मैं इसे डिलीवर नहीं कर पाया तो सुदीप शर्मा को किसी और पर भरोसा करने, बिना ऑडिशन के किसी को नौ या दस एपिसोड की सीरीज देने के लिए और 10 साल इंतजार करना पड़ेगा। इससे मुझे सिहरन महसूस हुई। शूटिंग के पहले दिन, मैंने सभी से खुले तौर पर कहा कि अगर हम वो हासिल कर लेते हैं जो सुदीप शर्मा ने कागज पर लिखा है, तो हम सभी को बहुत प्यार मिलने वाला है। और वही हुआ।'

कुमार सरस
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कुमार सरस टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एंटरटेनमेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और रोचक है, जो पाठकों को तुरंत जोड़ लेती ह... और देखें

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