Jai Mata Ji-let's Rock : गुजराती सिनेमा को नई उड़ान देने के लिए लेटेस्ट फिल्म जय माता दी लेट्स रॉक रिलीज हो गई है। रिजनल सिनेमा को आगे ले जाती इस फिल्म ने अपनी मेहनत से दर्शकों का दिल जीत लिया है। फिल्म एक प्रापर फैमिली ड्रामा है, इसी के साथ इसके एक खास संदेश भी छिपा हुआ है। आज 9 मई को फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। अगर इसे देखने का मन बना रहे हैं तो एक बार रिव्यू पढ़कर जाइए।
फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी एक 80 साल की महिला के जीवन में अचानक आए बदलाव के ऊपर है। एक सरकारी योजना के कारण वह बुजुर्ग महिला अचानक से अमीर बन जाती है, और उसके सामने कई मजेदार ऑप्शन आते हैं जिससे वह इन पैसों का इस्तेमाल कर सकती है। जैसे - अपने बेटों और बहुओं से बदला लेना, अपने पुराने प्यार से मिलना, एक शानदार अमीरों वाला जीवन जीना या वह सबकुछ पा लेने की चाहत जो पैसों की कमी के चलते उसे जीवन में नहीं मिल पाया। और इन्ही परिस्थितियों में निकलती है कॉमेडी जो आपको हंसने पर मजबूर कर देगी। साथ ही फिल्म में कि ऐसे सीन्स भी देखने को मिलेंगे जिन्हे देखकर महसूस होगा कि अरे ऐसा तो मेरे परिवार में भी हुआ था और आप सहज ही फिल्म से जुड़ जाएंगे। फिल्म के कुछ सीन्स आपको इमोशनल कर देंगे और आप इस फिल्म से करीब से जुड़ पाएंगे।
कैसा है फिल्म का निर्देशन
निर्देशक मनीष सैनी ने फिल्म को बहुत ही कुशलता से संभाला है। उन्होंने कहानी को इस तरह से प्रस्तुत किया है कि दर्शक पूरी तरह से फिल्म के साथ जुड़ा राहत है। फिल्म के कलाकारों की बात करें तो मल्हार, टीकू तलसानिया, वंदना पाठक, नीला मुल्हेरकर, व्योमा नांदी, शेखर शुक्ला, आर्यन प्रजापति, उत्कर्ष मजूमदार और शिल्पा ठाकर ने अपने-अपने किरदारों को बहुत ही सहजता से निभाया है। उनका अभिनय इतना स्वाभाविक है कि वे आपको अभिनेता नहीं, बल्कि वास्तविक लोग लगते हैं।
फिल्म देखनी चाहिए या नहीं
'जय माताजी - लेट्स रॉक' उन दर्शकों के लिए एक जरूरी फिल्म है जो अच्छी और पारिवारिक फिल्में देखना पसंद करते हैं और मौलिक कहानियों की तलाश में रहते हैं। इस फिल्म में कॉमेडी, ईमोशन,के साथ ही कलाकारों का शानदार अभिनय है। यह फिल्म निश्चित रूप से आपका मनोरंजन करेगी।
रेटिंग
इस फिल्म को 3.5 रेटिंग दी गई है।
