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हंसल मेहता ने बैंडिट क्वीन ओटीटी विवाद पर दिया निर्देशक शेखर कपूर का साथ, कहा-"गुलामों की तरह व्यवहार..."

शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वीन की गिनती भारतीय फिल्म जगत की कल्ट फिल्मों में होती है,लेकिन इस फिल्म को ओटीटी पर बहुत ही ज्यादा बदलाव के साथ रिलीज किया गया है, जिसपर शेखर कपूर ने अपना गुस्सा दिखाया था। अब हंसल मेहता ने शेखर कपूर का साथ दिया है।

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Hansal Mehta

शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वींस के ओटीटी वर्जन को लेकर हो रहा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कई बदलाव के साथ रिलीज किया है। फिल्म में काफी ज्यादा बदलाव किए जाने पर फिल्म के निर्देशक शेखर कपूर ने नाराजगी जाहिर की थी। अब हंसल मेहता ने शेखर कपूर का साथ दिया है। आइए जानते हैं कि हंसल मेहता ने क्या कहा है।

हंसल ने लिखा-'बहुत दुख होता है जब ऐसी फिल्में जो हमेशा भारत का गौरव होनी चाहिए, उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है, लेकिन फिर इसमें नया क्या है? हम वेस्ट के गुलामों की तरह व्यवहार किए जाने के इतने आदी हो गए हैं। कोई विरोध नहीं। पूरी तरह से समर्पण। क्योंकि वे हम पर एहसान कर रहे हैं। कलाकार के रूप में हमारी ईमानदारी ना तो सुरक्षित है। और ना ही किसी गिल्ड द्वारा जो संभावित रूप से हमारी रक्षा कर सकती है। तथाकथित 'एसोसिएशन' एक राजनीतिक पार्टी की तरह व्यवहार करने या विभाजनकारी प्रचार करने में व्यस्त है। इस बीच निर्देशक पॉवरलेस हो गए हैं और किसी भी सहायता प्रणाली से स्वतंत्र नहीं हैं।

शायद दुनिया के लिए देश के सबसे प्रमुख स्पोकेसपर्सन में से एक और सरकार द्वारा पद्मभूषण से सम्मानित होने के नाते आपकी स्थिति बदलाव लाने में मदद करेगी। तब तक हम अपने विनम्र स्वभाव में वापस आ गए हैं? नई कंटेंट ड्रिवेन कॉलोनी के सदस्य जो अपने पश्चिमी आकाओं की आर्टिस्टिक अम्बिशन्स को पूरा करते हुए सदस्यता बढ़ाने के लिए पशु चारा बनाते हैं।

मिला था बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार

शेखर कपूर द्वारा निर्देशित फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ फूलन देवी के जीवन पर आधारित है। फिल्म में सीमा बिस्वास ने फूलन देवी की भूमिका निभाई है। इस फिल्म में मनोज बाजपेयी और निर्मल पांडे सहित कई दमदार सितारे हैं। बैंडिट क्वीन को हिंदी में बेस्ट फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला हुआ है।

Poonam Shukla
पूनम शुक्लाauthor

पूनम शुक्ला मीडिया इंडस्ट्री में 5 सालों से काम कर रही हैं. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत ईटीवी भारत से की थी. इन्होंने इंडिया टीवी, नुक्कड़ न्यूज़, new j, कोईमोई में काम किया। अब पूनम शुक्ला, टाइम्स नाउ नवभारत के साथ जुड़ी हैं। उनकी एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर इनकी पकड़ अच्‍छी हैं. राइटिंग को अपना पैशन मानने वाली पूनम को हिंदी भाषा से बेहद लगाव है. राइटिंग के अलावा फिल्में देखना, नई जगहें घूमना और नए फूड एक्सप्लोर करना इनकी फेवरेट हॉबी है. पूनम मूल रूप से बिलासपुर छत्तीसगढ़ से हैं। उन्होंने अपना ग्रेजुकेशन गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय से किया था। उन्होंने अपना पोस्ट ग्रेजुकेशन इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय से किया है।

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