Dipika Kakar Gets Emotional On Cyst Reoccurrence: टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ ने अपनी एक्टिंग और अंदाज से छोटे पर्दे पर जबरदस्त पहचान बनाई है। दीपिका कक्कड़ ने सीरियल में एक्टिंग के साथ-साथ कई रियलिटी शोज में भी हाथ आजमाया है। वहीं अब दीपिका कक्कड़ इंडस्ट्री से दूर यू-ट्यूब व्लॉग के जरिए फैंस से जुड़ी रहती हैं। लेकिन बीते साल से दीपिका कक्कड़ लगातार बीमारियों में घिरी हुई हैं। उन्हें बीते साल लिवर कैंसर हो गया था, जिसकी सर्जरी भी हुई। हालांकि दीपिका कक्कड़ (Dipika Kakar) का लिवर कैंसर का इलाज अभी भी जारी है। वहीं कुछ दिनों पहले दीपिका कक्कड़ को पेट में 13 एमएम की सिस्ट हो गई थी, जिसकी उन्होंने सर्जरी कराई। लेकिन इस सिस्ट के कारण दीपिका कक्कड़ की परेशानियां और बढ़ गई हैं। यह भी पढ़ें: कैंसर से जूझ रहीं Dipika Kakar अपनी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट देख लगीं रोने, शोएब इब्राहिम बोले- लंबी लड़ाई है...

फोटो क्रेडिट- दीपिका कक्कड़ व्लॉग
दीपिका कक्कड़ ने की महिलाओं के जज्बे की तारीफ
दीपिका कक्कड़ (Dipika Kakar) ने महिलाओं के जज्बे की भी जमकर तारीफ की, जो हॉर्मोनल चेंज और परेशानियों के बाद भी हार नहीं मानती हैं। दीपिका कक्कड़ ने कहा, "अभी बहुत कुछ चल रहा है। इस वक्त में, मैं बाहर निकली, बहुत से लोगों से मैंने बात की। मैंने एक चीज का एहसास कर लिया है कि महिलाएं उससे कहीं ज्यादा मजबूत होती हैं, जितना हम सोचते हैं। हमारा शरीर बहुत ही उलझा हुआ है, और इसके बाद भी हम इसे रोजमर्रा की जिंदगी की तरह संभाल लेते हैं। जो कि तारीफ के लायक है। हॉर्मोनल बदलाव से लेकर माहवारी और जिंदगी के अलग-अलग चरण, हमारा शरीर बहुत चीजों से गुजरता है। मूड स्विंग्स, स्किन की परेशानी, बालों का झड़ना और भी बहुत कुछ। इन सबके बाद भी हम स्थिति संभालते हैं और जिंदगी को आसानी से जीते हैं।"
बेटे को वक्त नहीं दे पा रही हैं दीपिका कक्कड़
दीपिका कक्कड़ (Dipika Kakar) ने बताया कि ऐसे वक्त में शोएब इब्राहिम उनका खूब साथ देते हैं। एक्ट्रेस ने बेटे के बारे में बात करते हुए कहा, "कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं रुहान को ज्यादा वक्त नहीं दे पा रही और उसका उतना ध्यान नहीं रख पा रही। कई दिन होते हैं, जिसमें मैं थकावट के कारण सो जाती हूं। और अगर मैं अस्पताल में हूं तो मैं उसके साथ वैसे भी नहीं रह सकती। जब आपको स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होती हैं तो आपका रूटीन बदलता है और प्राथमिकताएं भी। जब आपको आराम की जरूरत पड़े तो आपको उसे सुनना जरूरी है।"
