35 साल बाद सुधा चंद्रन को मिला डबल रोल, नागिन-6 में बनी हैं खूंखार विलेन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 13, 2022, 10:24 PM IST

Sudha Chandran double role in Naagin 6: सुधा चंद्रन कहती हैं कि यह पहली बार है जब मैंने दोहरी भूमिका निभाई है। यह बहुत रोमांचक है और मैं हमेशा डबल रोल भूमिका करना चाहती थी। लेकिन मुझे कभी मौका नहीं मिला...

35 साल बाद सुधा चंद्रन को मिला डबल रोल, नागिन-6 में बनी हैं खूंखार विलेन

Sudha Chandran double Role: अभिनेत्री सुधा चंद्रन हमेशा से ही दोहरी भूमिकाएं पसंद करती रही हैं। अब वो खुद को भाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें आखिरकार अपने शो नागिन 6 में इसे निभाने का मौका मिला। नागिन-6 में सीमा और उनकी मां तारा की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री का कहना है कि उन्हें दोनों किरदारों के बीच की विविधताएं पसंद आई हैं।

सुधा चंद्रन कहती हैं, 'यह पहली बार है जब मैंने दोहरी भूमिका निभाई है। यह बहुत रोमांचक है और मैं हमेशा डबल रोल भूमिका करना चाहती थी। हर बार मैंने अभिनेताओं को डबल रोल करते देखा है, मैं हमेशा से ये करना चाहती थी लेकिन मुझे कभी मौका नहीं मिला। 35-36 वर्षों के बाद, बालाजी टेलीफिल्म्स ने मुझे मौका दिया और मुझे बस यह पसंद आया। मैंने हमेशा महसूस किया कि वेरीएशन बहुत महत्वपूर्ण है, अगर आप मुझे नागिन 6 में देखते हैं, तो तारा का जो किरदार मैं निभा रही हूं वह आदिवासी का है और मैंने इसे बहुत देहाती बना दिया है और बहुत काला मेकअप रखा है।'

नागिन-6 की विलेन सुधा चंद्रन बताती हैं कि तारा बहुत देहाती और बहुत लो प्रोफाईल की दिखती है, लेकिन जब सीमा के किरदार की बात आती है, जिसे मैं ही निभा रही हूं, तो वो 2 चोटी और एक लंबी बिंदी वाली स्टाइलिश है। यह एक प्यारी सी दिखने वाली छवि है। एक अभिनेत्री के तौर पर जब मैंने खुद को देखा तो मुझे पूरा यकीन हो गया था कि ये दोनों लुक बहुत अलग और अनोखे हैं।


एक्ट्रेस का कहना है कि लोग इस सीक्वेंस को पसंद भी कर रहे हैं। 'दोहरी भूमिका निभाने में चुनौतीपूर्ण हिस्सा यह है कि आपको अलग दिखना है। तौर-तरीके अलग-अलग होने चाहिए, खासकर जब आप एक ही फ्रेम में हों। मजेदार बात यह है कि आप खुद को दो किरदार निभाते हुए देख रहे हैं। लोगों ने मुझे फोन किया है, सराहना की है और प्रदर्शन को पसंद किया है। दरअसल, उन्होंने कहा कि नागिन में अब मजा आ रहा है जैसा कि निगेटिव ट्रैक शुरू हो गया है। कहानी को इतनी अच्छी तरह से लिखा गया है, बालाजी टेलीफिल्म्स को बधाई, जो इस तरह के एक शानदार विचार के साथ आए हैं। मैंने अपना 100 प्रतिशत दिया है और बाकी मैंने भगवान पर छोड़ दिया।'

सुधा का कहना है कि ओटीटी पर उपलब्ध अवसरों की बदौलत टीवी पर कंटेंट भी विकसित हो रहा है। 'ओटीटी से एक बड़ा खतरा आ रहा है और अब, जब आप टेलीविजन देखते हैं, तो कंटेंट बहुत अच्छी होती है। ओटीटी पर, अद्भुत कंटेंट आ रहा है, इसलिए टेलीविजन लेखक और निर्माता इसे कम नहीं ले सकते, टेलीविजन में भी अब बहुत सारे इनोवेशन हो रहे हैं।'

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