Tu Yaa Main Movie Review: आदर्श गौरव और शनाया कपूर की फिल्म तू या मैं सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म को लेकर रिव्यू सामने आने भी शुरू हो गए हैं। अगर आप भी इस आदर्श गौरव और शनाया कपूर की फिल्म तू या मैं को देखने की तैयारी कर रहे हैं, तो एक दफा ये रिव्यू जरूर पढ़ लें।
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Tu Yaa Main Movie Review: एक्टर आदर्श गौरव और एक्ट्रेस शनाया कपूर की लीड रोल वाली फिल्म तू या मैं आज यानी 13 फरवरी को बड़े पर्दे पर रिलीज हो गई है। ये थाई फिल्म 'द पूल' की रीमेक है। फिल्म का निर्देशन बेजॉय नांबियार ने किया है, जो अपनी रोमांटिक मूवीज के लिए जाने जाते हैं। फिल्म में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की जिंदगी, क्लास डिफरेंस, प्यार और फिर खतरा दिखाया गया है। अगर आप भी इस फिल्म को देखने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले ये रिव्यू जरूर पढ़ें, आपके काफी काम आने वाला है। इस रिव्यू में हम आपको फिल्म की अच्छी के साथ-साथ बुरी चीजों के बारे में भी बताने वाले हैं।
कहानी मुंबई के दो इन्फ्लुएंसर्स की है। एक तरफ मारुति कदम उर्फ आला फ्लोपर (आदर्श गौरव), नालासोपारा का रैपर जो गरीबी से निकलना चाहता है, छोटे कमरे में परिवार के साथ रहता है और वायरल होने की कोशिश करता है। दूसरी तरफ अवनि शाह उर्फ मिस वैनिटी (शनाया कपूर), 20 मिलियन फॉलोअर्स वाली ग्लैमरस इन्फ्लुएंसर जो अमीर बैकग्राउंड से है। दोनों की मुलाकात होती है, आला अपनी स्टाइल से अवनि को इम्प्रेस करता है, वो उससे प्यार करने लगती है। उनका रिलेशन आगे बढ़ता है, अवनि प्रेग्नेंट हो जाती है और बच्चे को लेकर झगड़ा होता है। फिर वो गोवा जाते हैं, लेकिन रास्ते में मौसम खराब होने से एक पुराने होटल में फंस जाते हैं। वहां का स्विमिंग पूल खाली है और उसमें एक मगरमच्छ है। अब दोनों को बाहर निकलने के लिए लड़ना पड़ता है। पहले हाफ में रोमांस और बैकस्टोरी है, दूसरे हाफ में सरवाइवल का टेंशन।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत आदर्श गौरव हैं। वो आला फ्लोपर के रोल में कमाल कर गए हैं मुंबई का लहजा, कॉमिक टाइमिंग, एक्सप्रेशंस सब परफेक्ट। थ्रिलिंग सीन में भी वो अच्छे लगते हैं। डायलॉग बहुत पावरफुल हैं, खासकर बॉम्बे वाले लहजे में। बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म का हीरो है, टेंशन बढ़ाता है और वाइब सेट करता है। सिनेमैटोग्राफी अच्छी है, मुंबई के अनदेखे इलाकों को खूबसूरती से दिखाया गया है। कुछ थ्रिलिंग मोमेंट्स और गट-रेंचिंग सीन हैं जो सीट पर बांधे रखते हैं। डायरेक्शन पहले हाफ में अच्छा है, रोमांस और क्लास डिफरेंस को अच्छे से दिखाते हैं। क्लाइमेक्स में कुछ ट्विस्ट्स और टेंशन अच्छा काम करते हैं।
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी लंबाई और पेसिंग है। दूसरे हाफ में कहानी खिंचती है और कई बेमतलब के सीन्स हैं। एडिटिंग औसत है, फिल्म को छोटा किया जा सकता था। शनाया कपूर कोशिश करती हैं लेकिन उनकी परफॉर्मेंस औसत है। शनाया कपूर की डायलॉग डिलीवरी और एक्सप्रेशंस में कमी है, इमोशनल सीन में कनेक्ट नहीं होता। कहानी अच्छी है लेकिन स्क्रीनप्ले कमजोर पड़ जाता है। कुछ जगह VFX या सिचुएशंस गिमिकी लगते हैं। रोमांस से सरवाइवल में शिफ्ट अच्छा है लेकिन इमोशंस जल्दी खत्म हो जाते हैं। पहले हाफ मजेदार है लेकिन दूसरे हाफ में थकान हो जाती है।
अगर आप आदर्श गौरव के फैन हैं या रोमांस से थ्रिलर वाली फिल्म पसंद है तो थिएटर जाकर देख लें। उनकी परफॉर्मेंस और कुछ टेंशन वाले सीन के लिए वर्थ है। वैलेंटाइन डे वीकेंड पर ये एक अलग तरह की लव स्टोरी है जो खतरे में बदल जाती है।अगर आप तेज पेस वाली फिल्म चाहते हो तो शायद निराशा हो, क्योंकि ये थोड़ी लंबी और धीमी लगती है।