Musafir Cafe 2026 Review: सीधा रूह तक नहीं पहुंचने में चूकी मुसाफिर कैफे, विक्रांत मैसी की एक्टिंग ने बचाई लाज

Musafir Cafe 2026 Review: रुचिर अरुण के निर्देशन में बनी सीरीज मुसाफिर कैफे रिलीज हो चुकी है। नेटफ्लिक्स पर आई इस सीरीज में खूबसूरत लव स्टोरी है, लेकिन ये कहानी आपको कहानी से कितना बांधकर रखती है? आइए आपको रिव्यू के जरिए बताते हैं।

KavitaAuthored by: KavitaUpdated Jul 24 2026, 18:57 IST

Musafir Cafe 2026

क्रिटिक्स रेटिंग
starstarstarstarstar

3.0

​musafir cafe 2026 review

musafir cafe review (photo credit- instagram)

Musafir Cafe 2026 Review: कहते हैं जोड़ियां भगवान बनाता है और हर इंसान अपने पार्टनर में वो चीजें तलाश करता है, जो उसे पसंद है, लेकिन मुसाफिर कैफे में कुछ अलग ही दिखाया गया है। यहां पर एक लड़का है और एक लड़की है, लेकिन दोनों ही एक दूसरे से काफी अलग है। एक को चाय पसंद है दूसरे को कॉफी पसंद है। एक पहाड़ों में शांत भरी जिंदगी जीना चाहता है, तो एक शहर में अपना नाम रोशन करना चाहती है, लेकिन इसके बावजूद दोनों टकराते हैं और दोनों के मिलन से मुसाफिर कैफे की खुबसूरत जर्नी शुरू होती है, जिसमें रोमांस और टकराव का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है। मुसाफिर कैफे 2026 मशहूर लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के उपन्‍यास पर आधारित है और इस सीरीज में उपन्यास को 8 एपिसोड की एक सीरीज में पिरोया गया है। आइए आपको बताते हैं कि इस सीरीज में क्या खास है और क्या देखने लायक है।

कैसी है सीरीज की कहानी

रुचिर अरुण निर्देशित और शरण्या राजगोपाल की लिखी-क्रिएट की गई मुसाफिर कैफे की कहानी इंजीनियर चंदर मोहन शर्मा और तेज तर्रार डिवॉर्स लॉयर सुधा त्रिपाठी की है। चंदन मोहन शर्मा का रोल विक्रांत मैसी ने निभाया है और सुधा त्रिपाठी के किरदार में वेदिका पिंटो नजर आई हैं। इस कहानी की सबसे दमदार बात इसकी सादगी है, जो सीधा दिल में उतरेगी। चंदन और सुधा की मुलाकात भोपाल के एक कैफे में होती है। दोनों शादी के लिए मिलते हैं, लेकिन ट्विस्ट तब आता है जब सुधा शादी करना नहीं चाहती, वो अपने सपने पूरा करना चाहती है, लेकिन चंदन उसे पसंद भी आ गया था। इस वजह से वह दोराय पर आकर खड़ी हो जाती है, लेकिन दोनों के प्यार की गाड़ी चल पड़ती है। दोनों लिव इन पार्टनर बन जाते हैं, लेकिन दोनों के प्यार में सपने बीच में आ जाते हैं, जिसका नतीजा अलगाव होता है। चंदन पहाड़ों में मुसाफिर कैफे खोलने निकल पड़ता है और वहां पर प्रीति (महिमा मकवाना) की एंट्री होती है, जो उसे अपना 100 प्रतिशत देती है। इसी तरह कहानी में लव ट्राइएंगल बनता है। अब चंदन, सुधा और प्रीति की इस कहानी में आगे क्या ट्विस्ट आता है, ये आपको सीरीज देखकर पता चलेगा।

एक्टिंग

विक्रांत मैसी ने एक बार फिर अपने सहज अभिनय से दिल जीत लिया है। उनके किरदार में मासूमियत और भावनाओं का संतुलन शानदार है।

वेदिका पिंटो ने संवेदनशील और परिपक्व प्रदर्शन किया है।

महिमा मकवाना की मौजूदगी कहानी को नया ट्विस्ट देती है और उन्होंने भी प्रभावशाली अभिनय किया है।