Dhadak 2 Review: ख्वाबों की दुनिया नहीं... हकीकत का गंदा दलदल दिखाते हैं सिद्धांत-तृप्ति

Dhadak 2 Review in Hindi: करण जौहर के बैनर में बनी फिल्म धड़क 2 भारतीय जाति व्यवस्था की सच्चाई पर्दे पर दिखाने का काम करती है, जिसमें तृप्ति डिमरी और सिद्धांत चतुर्वेदी ने अच्छा काम किया है। धड़क 2 न केवल एक खूबसूरती कहानी पर्दे पर पेश करती है बल्कि बताती है कि इस दौर में भी जाति के सामने इंसानी जान की कीमत कुछ भी नहीं है।

Rahul SharmaAuthored by: Rahul SharmaUpdated Feb 24 2026, 10:17 IST

Dhadak 2

क्रिटिक्स रेटिंग
starstarstarstarstar

3.5

Romance
Release Date

Aug 1, 2025

Duration

2 hr 27 mins

​dhadak 2 review in hindi: triptii dimri siddhant chaturvedi social drama hold well but don't take deep in social cast fabric of indian culture

Image Source: Dhadak 2 Movie

Dhadak 2 Review in Hindi: ऐसा कहा जाता है कि इश्क इतना खूबसूरत होता है की दुनिया की बुराइयां भी उसे मैला नहीं कर पाती हैं लेकिन क्या ये वाकई सच है या फिर ख्वाबों की दुनिया में बोली गई वो मीठी बात जिसका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। जब नीलेश (सिद्धांत चतुर्वेदी) नाम के एक दलित लड़के को विदिशा भारद्वाज (तृप्ति डिमरी) नाम की ब्राह्मण लड़की से इश्क होता है तो "अब ऊंच-नीच कहां है" कहने वाले लोग इंसानियत भूलकर फिर से कई सैकड़ों साल पहले पहुंच जाते हैं जब समाज के एक बड़े तबके को इंसान ही नहीं समझा जाता था। प्यार होने और प्यार के पूरे होने के बीच में जाति इतनी बड़ी हो जाती है कि नीलेश की जान की कीमत ही नहीं रह जाती है। ब्राह्मण परिवार की नाक नीलेश की जिंदगी से ज्यादा बड़ी हो जाती है लेकिन क्या नीलेश समाज के सामने हार मान जाएगा या फिर विदिशा का साथ पाकर अपने हक और प्यार की लड़ाई लड़ेगा? इन्हीं सब चीजों के आसपास घूमती है फिल्म धड़क 2 की कहानी, जिसे करण जौहर ने अपने बैनर तले बनाया है और इसे शाजिया इकबाल ने डायरेक्ट किया है।

तमिल मूवी परियेरुम पेरुमल की रीमेक धड़क 2 की राइटिंग शार्प है। जाति जैसे मुद्दे पर आधारित होने के बावजूद भी ये कहीं पर भी बोझिल नहीं लगती है। पहले ही सीन से धड़क 2 रिलेटेबल लगती है और जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, इसमें दिलचस्पी बढ़ती जाती है। कॉलेज पॉलिटिक्स हो या फिर एक खास जाति से होने की वजह से मिलने वाले ताने..., सभी चीजें रियल नजर आती हैं। शाजिया इकबाल और राहुल भांडवलकर ने मिलकर ऐसी दुनिया रची है, जिससे रिश्ता न रखने वाले भी नीलेश और विदिशा का दर्द महसूस करते हैं। इन दोनों को अपने म्यूजिक डायरेक्टर्स का भी खूब साथ मिला है, जिन्होंने धड़क 2 में सोलफुल सॉन्ग दिए हैं।