Jailer 2 Movie Review: रजनीकांत (Rajinikanth) की फिल्म ‘जेलर 2’ (Jailer 2) में एक बार फिर टाइगर मुथुवेल पांडियन का दमदार अंदाज देखने को मिलता है। फिल्म में एक्शन, कॉमेडी और बड़े सितारों की मौजूदगी है, लेकिन क्या ये सीक्वल पहली फिल्म जैसा जादू चला पाता है? आइए जानते हैं, कैसी है ‘जेलर 2’ की कहानी।
फिल्म जेलर 2 का रिव्यू (Image Source: IMDb)
Jailer 2 Movie Review: सुपरस्टार रजनीकांत (Rajinikanth) एक बार फिर टाइगर मुथुवेल पांडियन बनकर बड़े पर्दे पर लौट आए हैं। उनकी फिल्म ‘जेलर 2’ (Jailer 2) में इस बार भी एक्शन, कॉमेडी, दमदार डायलॉग और कई बड़े सितारों की एंट्री देखने को मिलती है। साल 2023 में आई ‘जेलर’ की सफलता के बाद इस फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं। निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार (Nelson Dilipkumar) ने कहानी को आगे बढ़ाने के साथ पुराने अंदाज को भी बनाए रखने की कोशिश की है। फिल्म में रजनीकांत के अलावा मोहनलाल (Mohanlal), शिवराजकुमार (Shiva Rajkumar), विद्या बालन (Vidya Balan), मिथुन चक्रवर्ती (Mithun Chakraborty), एस. जे. सूर्या (S. J. Suryah) और कई दूसरे कलाकार नजर आते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या इस बार भी टाइगर पांडियन का अंदाज दर्शकों का दिल जीत पाएगा?
‘जेलर 2’ की कहानी पहली फिल्म की घटनाओं के बाद आगे बढ़ती है। टाइगर मुथुवेल पांडियन अपने परिवार के साथ सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश कर रहा है। उसके बेटे अर्जुन की मौत का दुख अब भी परिवार के साथ है। टाइगर ने अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिनकी पूरी सच्चाई उसके घरवालों को नहीं पता। लेकिन टाइगर का पुराना अतीत उसका पीछा नहीं छोड़ता। पहली फिल्म में वर्मन का खात्मा करने के बाद अब मूर्ति तस्करी करने वाले गिरोह के दूसरे लोग उसकी तलाश में जुट जाते हैं। इस गिरोह से जुड़े दिलीप और काल्पक परिवार के साथ टाइगर का टकराव शुरू होता है। दोनों तरफ से एक-दूसरे की पहचान और कमजोरियों का पता लगाने की कोशिश होती है। टाइगर के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली, अपने परिवार को दुश्मनों से बचाना और दूसरी, अपने बेटे से जुड़ा सच सामने आने से रोकना। कहानी में पुराने साथियों के साथ कुछ नए चेहरे भी जुड़ते हैं। इसके बाद फिल्म में कॉमेडी, एक्शन और बदले का सिलसिला शुरू होता है। फिल्म का पहला हिस्सा हल्की-फुल्की कॉमेडी और सस्पेंस के साथ आगे बढ़ता है। वहीं, इंटरवल के बाद एक्शन ज्यादा देखने को मिलता है।
सबसे अच्छी बात रजनीकांत की परफॉर्मेंस है। वे शांत भी हैं, डरावने भी और कॉमेडी भी कर देते हैं। उनका स्टाइल और स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म को चलाता है। नेल्सन ने स्क्रीनप्ले को अच्छे से बांधा है। किरदार एक-एक करके आते हैं और कहानी आगे बढ़ती है।कॉमेडी बहुत अच्छी है। योगी बाबू और नामो नारायणन के सीन हंसाते हैं। एक्शन सीक्वेंस भी सही बने हैं। इंटरवल वाला हिस्सा खास तौर पर जोरदार है। एसजे सूर्या का रोल बहुत दमदार है। सुराज वेंजारामूडू भी खतरनाक लगते हैं। अनिरुद्ध का म्यूजिक फिल्म की जान है। गाने और बैकग्राउंड स्कोर एक्शन और एलीवेशन सीनों को और मजेदार बनाते हैं। ह्यूमर और रजनीकांत के डायलॉग फैंस को पसंद आएंगे। इसके अलावा मोहनलाल, शिवराजकुमार और दूसरे कलाकारों की मौजूदगी फिल्म को बड़ा रूप देती है। पहली फिल्म की तरह यहां भी दूसरे सितारों की एंट्री दर्शकों के लिए खास पल बन सकती है। विद्या बालन और मिथुन चक्रवर्ती जैसे कलाकार भी फिल्म की स्टारकास्ट को मजबूत बनाते हैं। ऋतिक रोशन का कैमियो भी काफी पसंद आने वाला है।
कहानी पूरी तरह नई नहीं लगती। पहली फिल्म पर बहुत निर्भर है। दूसरी हाफ थोड़ी लंबी और खिंचती हुई लगती है। फीमेल किरदार कमजोर हैं। एक तो गम में डूबी विधवा है, दूसरी घर के कामों में सीमित है। कुछ औरतों को सिर्फ लुभाने वाले रोल दिए गए हैं जो आसान लगते हैं। कलपक परिवार इतना पावरफुल दिखाया गया है फिर भी टाइगर के खिलाफ उनकी तैयारी कमजोर लगती है। कुछ सीन सिंपैथी के लिए बनाए गए हैं लेकिन वे उतने असरदार नहीं बने। रंग-बिरंगी सेटिंग और पहले फिल्म वाला फील उतना नहीं दिखा। फिल्म में बड़े कलाकारों की लंबी लिस्ट है, लेकिन हर किरदार को कहानी में बराबर जगह नहीं मिलती। कुछ कलाकारों की मौजूदगी का इस्तेमाल टाइगर के स्वैग को और बड़ा दिखाने के लिए किया गया है। ऐसे में दर्शकों को लग सकता है कि इतने अच्छे कलाकारों से और बेहतर काम लिया जा सकता था।
अगर आप रजनीकांत के फैन हैं और कमर्शियल एक्शन-कॉमेडी वाली फिल्म पसंद करते हैं तो जेलर 2 जरूर देखें। सुपरस्टार का मजा, हंसी-मजाक और एक्शन आपको एंटरटेन करेगा। कहानी थोड़ी कमजोर है और दूसरी हाफ लंबी लग सकती है लेकिन कुल मिलाकर ये फिल्म फैंस के लिए बनी है। थिएटर में जाकर देख सकते हैं। अगर सिर्फ नई कहानी या गहरी स्टोरी चाहिए तो थोड़ा निराश हो सकते हैं। बाकी औसत से ऊपर की एंटरटेनमेंट फिल्म है।