Prahaar Movie Review: कसाब को बैठाकर बिरयानी क्यों खिलाई? उज्जवल निकम ने दिया जवाब

Prahaar Movie Review: राजकुमार राव स्टारर प्रहार कसाब मामले की वो बारीकियां पर्दे पर लाती है, जो टीवी डिबेट्स और राजनीतिक लड़ाई में कभी दिखाई नहीं दीं और ये समझाने की कोशिश करती है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र क्यों है?

Rahul SharmaAuthored by: Rahul SharmaUpdated Oct 16 2026, 08:19 IST

क्रिटिक्स रेटिंग
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3.0

Biography
Release Date

Oct 16, 2026

Duration

2 hr 20 mins

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Prahaar Movie Review: कसाब को बैठाकर बिरयानी क्यों खिलाई? राजकुमार ने दिया जवाब

Prahaar Movie Review: कसाब का नाम सुनते ही हम सबके दिमाग में एक लाइन जरूर आती है, "उस वक्त की भारतीय सरकार ने उसे जेल में बैठाकर बिरयानी खिलाई...।" क्या वाकई उस वक्त की भारतीय सरकार ने कसाब जैसे खूंखार आतंकवादी को जेल में दामाद की तरह रखा था और उसे रोज बिरयानी परोसी गई? या फिर ये लाइन राजनीतिक थी और भारतीय सरकार कसाब के जरिए कुछ बड़ा करना चाहती थी, जिस कारण उसने कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही कसाब को फांसी के तख्ते तक पहुंचाया? और वो कौन सा देश का सिपाही था, जिसने दिन-रात एक करके कसाब को फांसी की सजा दिलवायी थी? इन सारे सवालों के जवाब आपको राजकुमार राव, वामिका गब्बी और ललित प्रभाकर की नई फिल्म 'प्रहार द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्जवल निकम' में मिलेंगे, जो आज थिएटर्स में रिलीज हो चुकी है।

आपने अक्सर ये तो सुना है कि "जस्टिस डिलेड, जस्टिस डिनाइड..." लेकिन क्या आपने ये सुना है "जस्टिस हरीड इज जस्टिस बरीड।" डायरेक्टर अविनाश अरुण की फिल्म प्रहार शुरुआती सीन्स से ही ये स्टैब्लिश कर देती है कि वो इसी सोच के साथ आगे बढ़ेगी और धीरे-धीरे परत-दर-परत 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के बाद शुरू हुई कानूनी लड़ाई को दिखाती जाएगी और बताएगी कि ये कानूनी लड़ाई सिर्फ कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाने की नहीं थी बल्कि इंटरनेशनल स्तर पर भारत की साख बनाए रखने और पाकिस्तान का असली चेहरा दुनिया के सामने लाने की भी थी। अविनाश अरुण इस लड़ाई को इंगेजिंग और एंटरटेनिंग तरीके से दिखाने में कामयाब भी रहे हैं। उन्होंने 2 घंटे 20 मिनट की इस फिल्म को केवल उज्जवल निकम के आसपास नहीं बनाए रखा है बल्कि वो इसके दौरान कानून की उस दुनिया में लेकर जाते हैं, जहां ह्यूमन इमोशन्स पर नहीं बल्कि ईमानदारी और फैक्ट्स पर बात होती है। TimesNow NavBharat पर ये भी पढ़ें: Jailer 2 Review: रजनीकांत की दमदार वापसी, कॉमेडी और एक्शन के बीच कमजोर पड़ी कहानी