Daadi ki Shaadi Review: फैमिली कॉमेडी जॉनर वाली फिल्मों को लोग खूब पसंद करते हैं। अब कपिल शर्मा की 'दादी की शादी' नीतू कपूर और रिद्धिमा कपूर साहनी के साथ हल्का-फुल्का माहौल लेकर आई है। लेकिन क्या ये फिल्म सादगी और मजा दे पाती है? इस रिव्यू में जानिए पूरा सच।
प्रेडिक्टेबल है कपिल-नीतू की मूवी (pic credit- daadi ki shaadi film)
Daadi ki Shaadi Review: फैमिली कॉमेडी फिल्मों और वेब सीरीज का अपना अलग ही आकर्षण होता है। इस जॉनर में जब भी बात होती है तो सबसे पहले पंचायत का नाम लिया जाता है, जिसे दर्शकों ने दिल से प्यार दिया है। अब इस वीकेंड कपिल शर्मा (Kapil Sharma) की फिल्म दादी की शादी (Daadi ki Shaadi) बड़े पर्दे पर रिलीज हुई है। नीतू कपूर, रिद्धिमा कपूर साहनी और पूरे परिवार के साथ बनी यह फिल्म भी हल्का-फुल्का फैमिली कॉमेडी मूड लेकर आई है। पंचायत जैसी सादगी, मस्ती और दिलचस्प कहानी को ये फिल्म कितना मैच कर पाती है? क्या ये भी दर्शकों के दिलों में जगह बना पाएगी? इस रिव्यू में हम आपको बताते हैं दादी की शादी का पूरा सच। (ये भी पढ़ें-Daadi Ki Shaadi Trailer: मुसीबत में पड़ी दादी को बचाएंगे Kapil Sharma या अपनी शादी?)
फिल्म दादी की शादी (Daadi Ki Shaadi) की कहानी टोनी कालरा यानी कपिल शर्मा के इर्द-गिर्द घूमती है। टोनी दिल्ली के हलवाई परिवार से ताल्लुक रखता है। टोनी इन दिनों शादी के लिए लड़की ढूंढ रहा होता है। इसी दौरान उसे कन्नू आहूजा (सादिया खतीब) पसंद आ जाती है हालांकि कन्नू शादी के लिए दो साल का समय मांगती है, लेकिन टोनी खुशी-खुशी इंतजार करने को तैयार हो जाता है। लेकिन फिर कन्नू आहूजा की दादी विमला आहूजा (नीतू कपूर) कुछ ऐसा कर देती है कि सबकुछ बदल जाता है। अगर आपको इस बारे में जानना है तो मूवी देखनी पड़ेगी।
कपिल शर्मा ने फिल्म में कॉमिक अंदाज दिखाने की कोशिश की है, लेकिन कई जगह कमजोर लेखन की वजह से उनका किरदार उतना असर नहीं छोड़ पाता। हालांकि उन्होंने मेहनत जरूर की है। वहीं सादिया खतीब अपने रोल में परफेक्ट लगी और उनकी एक्टिंग ने सभी को इंप्रेस किया। रिद्धिमा कपूर साहनी ने बॉलीवुड में डेब्यू किया है और उन्होंने ठीक-ठाक काम किया है। हालांकि अभी उन्हें और मेहनत करनी है और लंबा रास्ता तय करना है। आर सरथकुमार की एक्टिंग फिल्म की बड़ी खासियत मानी जा रही है। खासकर उनके और नीतू कपूर के सीन काफी मजेदार और दिलचस्प हैं। सबसे ज्यादा लोगों को यही पसंद आया है। वहीं नीतू कपूर ने ये साबित कर दिया है कि आज भी वो एक्टिंग के मामले में टॉप पर है।
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कहानी और कमजोर ट्विस्ट हैं। कई जगह कॉमेडी बिल्कुल ही फीकी लगती है। आप खुलकर हंस भी नहीं पाते है। मूवी में कुछ इमोशनल सीन्स भी है लेकिन ये सीन्स आपके रोंगटे नहीं खड़े कर पाएंगे हालांकि फिल्म कुछ जगहों पर परिवार और बुजुर्गों के साथ जुड़े रहने का अच्छा संदेश देती है। दादी और उनके दोस्तों वाले सीन दर्शकों को जरूर पसंद आ सकते हैं। कुल मिलाकर दादी की शादी एक हल्की-फुल्की फैमिली एंटरटेनर है, जिसमें कुछ मजेदार पल हैं, लेकिन कमजोर कहानी और बिखरे हुए स्क्रीनप्ले की वजह से यह फिल्म लोगों को इंप्रेस करने में नाकामयाब रही है।
अगर आपको फैमिली कॉमेडी फिल्में पसंद हैं, तो दादी की शादी एक बार देख सकते हैं। खासकर कपिल शर्मा के फैंस के लिए यह फिल्म जरूर ट्राई करने लायक है। हालांकि, इसमें 'पंचायत' जैसा मजा, सादगी और दिलचस्पी की उम्मीद न रखें। कुल मिलाकर हम इस फिल्म को 3 स्टार देते हैं।