Good Luck Jerry Review: जेरी बनकर छा गईं जान्हवी कपूर, दिल जीत लेने वाली फिल्म है 'गुड लक जेरी'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 29, 2022, 10:18 AM IST

Good Luck Jerry movie Review in hindi: बॉलीवुड अदाकारा जान्हवी कपूर की फिल्म गुड लक जेरी आज यानी 29 जुलाई को रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म सिनेमाघरों की बजाय डायरेक्ट ओटीटी पर आई है।

Good Luck Jerry Review: जेरी बनकर छा गईं जान्हवी कपूर, दिल जीत लेने वाली फिल्म है 'गुड लक जेरी'

Good Luck Jerry movie Review in hindi: बॉलीवुड अदाकारा जान्हवी कपूर की फिल्म गुड लक जेरी आज यानी 29 जुलाई को रिलीज हो चुकी है। दर्शकों को काफी समय से इस फिल्म की रिलीज का इंतजार था। यह फिल्म सिनेमाघरों की बजाय डायरेक्ट ओटीटी पर आई है। सिद्धार्थ सेन द्वारा निर्देशित और आनंद एल राय के कलर येलो प्रोडक्शंस, लाइका प्रोडक्शंस और महावीर जैन द्वारा निर्मित यह फिल्म ओटीटी के प्रमुख प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर आज से देखा जा सकती है। फिल्म ‘गुड लक जेरी’ ओटीटी के दर्शकों के लिए मॉनसून सरप्राइज से कम नहीं है। 

फिल्म गुड लक जेरी एक लड़की, जेरी के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे वह संघर्षो के साथ चलकर अपने जीवन में आगे बढ़ती है और अपनी मां को बीमारी से बचाने के लिए जी जान लगा देती है। ये फिल्म 2018 में रिलीज हुई तमिल फिल्म कोलमावु कोकिला (Kolamaavu Kokila) का रीमेक है। जान्हवी कपूर का बिहारी अंदाज काफी चालाकी, मासूमियत और हिम्मत से भरा है। 

ऐसी है कहानी 

बिहार के दरभंगा से पंजाब आई जया कुमारी यानी जेरी (जान्हवी कपूर) अपनी मां (मीता वशिष्ठ) और छोटी बहन चेरी के साथ मुश्किलों के साथ गुजारा करती है। एक दिन ड्रग बेचने वाले गिरोह से उसका सामना होता है। वह इस को करने लगती है। उसे अपनी मां के कैंसर के इलाज के लिए 20 लाख रूपयों की जरूरत होती है और उसके लगता है कि इस काम से उसे पैसे मिल सकते हैं। वह ड्रग डीलिंग के धंधे से उतर जाती है। कुछ समय तक इस क्राइम को बेहद मासूमियत के साथ अंदाज देने के बाद जेरी जब इस धंधे से बाहर आने के बारे में सोचती है तो उसे जान से मारने की धमकी दी जाती है। जेरी भी ठान लेती है कि वह इन गुंडों को सबक सिखाकर वापस जाएगी। 

एक्टिंंग और डायरेक्शन 

श्रीदेवी के डीएनए वानली जान्हवी कपूर ने जेरी के किरदार में शानदार प्रदर्शन किया है। उनका किरदार मासूमियत, हिम्मत और चालाकी का मिश्रण है और इसे खूबसूरती से उन्होंने निभाया है। फिल्म देखने की पहली वजह तो जान्हवी ही हैं। दीपक डोबरियाल, सुशांत सिंह, नीरज सूद, सौरभ सचदेवा, जसवंत सिंह दलाल ने कमाल किया है। कहीं से भी कुछ कमजोर एंगल अदाकारी में नजर नहीं आया। निर्देशन सिद्धार्थ सेन ने दो बेटियों और उनकी मां की कहानी को मनोरंजक तरीके से परोसा है। इसे आप एक क्राइम कॉमेडी कह सकते हैं। इस कहानी में इमोशन, हैं, कॉमेडी है, सस्पेंस है और भरपूर एंटरटेनमेंट तो है ही। यह फिल्म पहले ही दिन निपटा लेने वाली फिल्म है और जान्हवी कपूर को हिंदी सिनेमा की काबिल अभिनेत्री बनाती है। यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी। 

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