Vedaa Quick Movie Review: बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम (John Abraham) एक दफा फिर से दर्शकों के सामने एक देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत फिल्म लेकर आ रहे हैं, जिसमें उनके साथ शरवरी वाघ, अभिषेक बनर्जी और तमन्ना भाटिया जैसे कलाकार दिखाई देंगे। फिल्म वेदा (Vedaa Review) को जॉन अब्राहम ने जमकर प्रमोट किया है, जिस कारण उन्हें इससे अच्छी कमाई की उम्मीद है। फिल्म की कमाई इसकी कहानी पर निर्भर है। टाइम्स नाउ हिन्दी की टीम इस वक्त फिल्म वेदा की स्पेशल स्क्रीनिंग में मौजूद है। कुछ देर पहले ही फिल्म का फर्स्ट हाफ खत्म हुआ है। आइए आपको बताते हैं कि डायरेक्टर निखिल आडवाणी की नई फिल्म वेदा फर्स्ट हाफ तक दर्शकों को रोकने में कामयाब हो पायी है या नहीं...
जॉन अब्राहम बॉलीवुड के ऐसे ऐक्टर्स में से एक हैं जो हर बार कुछ नया पेश करने की कोशिश करते हैं। मद्रास कैफ़े हो या फिर परमाणु जॉन ने हर दफ़ा एक ताज़ा कहानी पेश करने का जिम्मा उठाया है और वेदा के साथ भी उन्होंने कुछ ऐसा ही किया है। फिल्म वेदा की कहानी है जात- पात की चक्की में पिस रही एक ऐसी लड़की की जिसकी आंखों में बॉक्सर बनने का सपना है। इसके सपनों को उड़ान इसलिए नहीं मिल पा रही क्योंकि बाड़मेर की ऊंची जात उसके समाज को आगे आने नहीं दे रही।
वेदा को जात-पात की चक्की में पीसने से बचाने के लिए भगवान पीओके में पोस्टेड गोरखा रेजिमेंट का एक सैनिक भेजती है, जिसे सेना ने निकाल दिया है। मेजर अभिमन्यु कोर्ट मार्शल होने के बाद बाड़मेर के उसी स्कूल में बॉक्सिंग कोच बनता है जिसमें वेदा है। वेदा की आंखों की आग देखकर अभिमन्यु उसे बॉक्सिंग सिखाने का जिम्मा उठाता है लेकिन इसी बीच ऊंची जाति के प्रधान के कनों में उसके भाई के इश्क की कहानी पड़ जाती है। इसके बाद प्रधान नाक के नाम कर वेदा के पूरे परिवार को मौत के घाट उतार देता है।
अपने परिवार को इंसाफ़ दिलाने और समाज में परिवर्तन के लिए वेदा की आख़िरी उम्मीद अभिमन्यु है। क्या अभिमन्यु वेदा को इंसाफ के दरवाज़े तक पहुंच पाएगा? या प्रधान की पॉवर और रसूख के सामने वेदा नतमस्तक हो जायेगी? यह दूसरे भाग में जानने को मिलेगा। आप वेदा का पूरा रिव्यू जानने के लिए ज़ूम टीवी के साथ जुड़े रहिए।
