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Recovery Stock : 49 दिन में 98% भागा! निवेशकों का किया 'कल्याण'; क्यों लुढ़का और अब क्यों भागा?

शेयर बाजार में खासतौर पर सेंसेक्स और निफ्टी में भले ही संतोषजनक रिकवरी नहीं आ रही है। लेकिन, कुछ स्टॉक्स में शानदार टर्नअराउंड देखने को मिला है। इस स्टॉक ने पिछले 49 दिन में 98% का रिटर्न दिया है।

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हर रोज करीब 2 फीसदी चढ़ा शेयर

Recovery Stock : महज 49 दिनों में करीब 98% का रिटर्न। यह कमाल किया है। Kalyan Jewellers के शेयर ने। शेयर बाजार के तमाम निवेशक जहां बाजार की सुस्ती से जूझ रहे हैं। वहीं, इस स्टॉक ने निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर एक तरह से उनका कल्याण कर दिया है। क्योंकि, अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते जब 11 जून, 2026 को यह 52 हफ्तों के निचले स्तर ₹327.05 पर पहुंचा, था तो किसी को उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी इसमें रिकवरी आएगी। लेकिन, 30 जुलाई 2026 को यह ₹648.95 के नए 52-वीक हाई पर पहुंच गया है। यानी सिर्फ डेढ़ महीने से भी कम समय में निवेशकों की रकम लगभग दोगुनी हो गई।

49 दिन में कैसे दोगुना हुआ शेयर?

सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि कुछ समय पहले तक दबाव में रहने वाला यह शेयर अचानक रॉकेट बन गया? इसके पीछे सिर्फ बाजार की तेजी नहीं, बल्कि कंपनी के मजबूत नतीजे, बिजनेस मॉडल और विस्तार की रणनीति भी बड़ी वजह मानी जा रही है। जब 11 जून, 2026 को शेयर 52 Week Low पर था, तो उस समय ग्लोबल माहौल, सरकार की तरफ से गोल्ड आयात पर सख्ती जैसी चीजों ने आउटलुक को नेगेटिव कर दिया था। लेकिन, अब 30 जुलाई, 2026 को जब यह ₹648.95 के 52 Week High पर है, तो कई स्थितियां बदल चुकी हैं।

गिरावट के कारण

  • विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली से दबाव बढ़ा।
  • ऊंचे वैल्यूएशन के चलते निवेशकों ने मुनाफावसूली की।
  • ज्वेलरी सेक्टर में मांग को लेकर कुछ समय तक अनिश्चितता रही।
  • कंपनी पर बढ़ते कर्ज और ऊंचे ब्याज खर्च को लेकर भी बाजार सतर्क था।
हालांकि कंपनी का कारोबार कमजोर नहीं हुआ। यही वजह रही कि जैसे ही भरोसा लौटा, शेयर में तेज रिकवरी देखने को मिली।

अब क्यों भाग रहा है शेयर?

1. रिकॉर्ड कमाई : वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की आय 43% बढ़कर ₹35,743 करोड़ पहुंच गई। वहीं शुद्ध मुनाफा 89% बढ़कर ₹1,350 करोड़ हो गया। पिछले पांच साल में कंपनी का मुनाफा 195% CAGR से बढ़ा है।

2. मुनाफे में लगातार सुधार : मार्च 2026 तिमाही में कंपनी ने ₹10,275 करोड़ की रिकॉर्ड सेल की है। गोल्ड की कीमतों में कमी आने के बाद सेल्स में जोरदार तेजी आई है। इसकी वजह से कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹410 करोड़ पहुंच गया है। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹736 करोड़ दर्ज किया। मजबूत बिक्री ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।

3. FOCO मॉडल बना गेम चेंजर : कंपनी तेजी से फ्रेंचाइजी ऑन्ड कंपनी ऑपरेटेड(FOCO) मॉडल पर फोकस कर रही है। इस मॉडल के तहत कम पूंजी निवेश के साथ कंपनी तेजी से नए स्टोर खोल पा रही है और मजबूत कैश फ्लो के साथ बेहतर रिटर्न बना पा रही है। भारत में कंपनी के लगभग 300 Kalyan और 96 Candere शोरूम हैं। इसके अलावा मध्य पूर्व और अमेरिका में भी विस्तार जारी है।

4. छोटे शहरों में मजबूत पकड़ : कंपनी की लगभग 54% आय दक्षिण भारत के बाहर से आती है। इसके अलावा 1,092 My Kalyan Centres ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

5. कारोबार की मजबूत नींव : कंपनी का बिजनेस लगातार बढ़ रहा है। 5 साल में कंपनी की सेल्स 33% CAGR से बढ़ी है। इसी तरह 5 साल में मुनाफा 195% CAGR से बढ़ा है। इसके अलावा कंपनी का पिछले वर्ष का ROE 25% और ROCE बढ़कर 21% हो गया है। ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी की कमाई सिर्फ बिक्री बढ़ने से नहीं, बल्कि बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन से भी मजबूत हुई है।

क्या सबकुछ सही?

कुछ जोखिम अभी भी बने हुए हैं। मसलन, कंपनी पर फिलहाल ₹6,117 करोड़ का कर्ज है। इसके अलावा शेयर करीब 49 P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो कई निवेशकों को महंगा लग सकता है। क्योंकि इंडस्ट्री PE 19 के करीब है। इसके अलावा शेयर 10.4x Price to Book पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, जून 2026 तिमाही में FII हिस्सेदारी घटकर 10.82% रह गई। हालांकि, DII हिस्सेदारी बढ़कर 15.83% हो गई है।

    डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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