Sridevi Controversy: श्रीदेवी अगर आज जिंदा होती तो 62 साल की होती। 80 के दशक की सबसे बड़ी ये अदाकारा 24 फरवरी 2018 के दिन मात्र 54 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहकर चली गई और पीछे छोड़ गई अपनी यादें। यूं तो श्रीदेवी को उनके फैंस जॉली नेचर वाली हसीना के रूप में याद करते हैं, जिसकी फिल्मों को सुपरहिट होने के लिए हीरोज की भी जरूरत नहीं होती थी लेकिन एक कलंक है जो उनके जाने के बाद भी उनके दामन से नहीं मिटा है। असल में श्रीदेवी ने शादीशुदा बोनी कपूर के साथ इश्क करने की ऐसी गुस्ताखी की, जिसकी वजह से उनको घर तोड़ने वाली का कलंक जीवनभर झेलना पड़ा। जब श्रीदेवी को बोनी कपूर से इश्क हुआ तब वो शादीशुदा थे और दो बच्चों के बाप थे लेकिन वो कहते हैं न कि इश्क उम्र और जात-पात कहां देखता है....
बहुत कम लोगों को पता है कि श्रीदेवी, बोनी कपूर की पहली पत्नी मोना कपूर की बहुत अच्छी दोस्त थी और कई दफा उनके साथ उनके ही घर पर रहा करती थी। ऐसा बताया जाता है कि श्रीदेवी एक वक्त बोनी कपूर को भाई जैसा मानती थीं और उनकी कलाई पर राखी भी बांधती थीं। ये वो दौर था जब वो मिथुन चक्रवर्ती के इश्क में थीं लेकिन ये रिश्ता खत्म होते ही वो बोनी कपूर के करीब आने लगीं। श्रीदेवी और बोनी कपूर ने जल्द ही एक-दूसरे को डेट करना भी शुरू कर दिया और ऐसा दावा किया जाता है कि वो बिना शादी के ही प्रेग्नेंट हो गई थीं। जब मोना कपूर को अपनी दोस्त की इस हकीकत के बारे में पता चला वो अंदर से एकदम टूट गईं।
श्रीदेवी के प्रेग्नेंट होने के बाद बोनी कपूर ने उनके साथ आनन-फानन में शादी कर ली और ये खबर बॉलीवुड के गलियारों में आग की तरह फैल गई। 2 जून 1996 को बोनी कपूर और श्रीदेवी ने एक मंदिर में 7 फेरे लिए। इसी के साथ श्रीदेवी और मोना कपूर का रिश्ता हमेशा-हमेशा के लिए टूट गया। बोनी कपूर के दूसरी शादी के फैसले ने मोना कपूर को अंदर से तोड़कर रख दिया तो वहीं शादी के बाद श्रीदेवी ने बोनी-मोना के मिलने के सारे रास्ते बंद कर दिए। मीडिया रिपोर्ट्स में तो ये तक कहा जाता है कि श्रीदेवी ने बोनी को न केवल मोना से मिलने के लिए बल्कि अंशुला-अर्जुन से मिलने पर भी रोक लगा दी थी।
मोना कपूर ने सालों पहले एक मीडिया ऑर्गनाइजेशन को एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब बोनी कपूर के साथ उनकी शादी हुई थी तब वो केवल 19 साल की ही थीं। वो बोनी कपूर के साथ ही बड़ी हुई थीं, जिस कारण उनके फैसले से काफी हैरान और परेशान हुई थीं। जब तक उन्हें बोनी और श्रीदेवी के बारे में पता चला तब तक एक्ट्रेस प्रेग्नेंट हो चुकी थीं, जिसके बाद कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। मोना के अनुसार, "बोनी मुझसे 10 साल बड़े थे। मेरी जब उनसे शादी हुई तब मैं केवल 19 साल की थी। जब मुझे पता चला कि मेरे पति को किसी और से प्यार हो गया है तो मैं शॉक रह गई थी। मैं अपने रिश्ते को चांस देने बारे में सोचती भी कैसे क्योंकि तब तक श्रीदेवी प्रेग्नेंट हो चुकी थीं। इसके बाद पीछे लौटने का कोई रास्ता नहीं बचा था।"
भले ही श्रीदेवी ने बोनी कपूर के साथ घर बसा लिया हो लेकिन उन्हें हमेशा निर्माता की जिंदगी में आई दूसरी औरत का ही दर्जा मिला। श्रीदेवी को कपूर परिवार ने भी कभी भी स्वीकार नहीं किया और उन्हें बेटे का घर तोड़ने वाली ही समझते रहे। ऐसा बताया जाता है कि बोनी कपूर की मां की श्रीदेवी से कभी भी नहीं बनी और वो एक्ट्रेस से दूर ही रहती थीं। श्रीदेवी और उनके बच्चों को कपूर खानदान से वो प्यार कभी भी नहीं मिला, जिस पर उनका हक था लेकिन एक्ट्रेस की मृत्यु के बाद कपूर खानदार ने जाह्नवी और खुशी को दिल से अपना लिया। यहां तक कि अर्जुन कपूर और अंशुला कपूर भी श्रीदेवी की मृत्यु के बाद अपनी सौतेली बहनों जाह्नवी-खुशी के करीब आ चुके हैं। खुशी के मौके पर बोनी कपूर का परिवार साथ नजर आता है और दुख की घड़ियों में सभी एक-दूसरे के साथ खड़े हो जाते हैं। श्रीदेवी-मोना भले ही जिंदा रहते ये खुशहाल परिवार न देख पाए हो लेकिन दोनों जाने के बाद बोनी के प्रयासों से उनका परिवार फिर से एक हो गया है।
