Salim on AR Rehman's Religious comment: भारतीय सिनेमा के जाने-माने कम्पोजर एआर रहमान ने कुछ दिनों पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि बॉलीवुड अब साम्प्रदायिकता की चपेट में आ चुका है, जिस कारण उन्हें अब पहले जैसा काम नहीं मिल रहा है। अब बॉलीवुड को वो लोग चला रहे हैं जो क्रिएटिव नहीं बल्कि साम्प्रदायिक हैं। एआर रहमान के इस बयान ने ना केवल भारत बल्कि विदेशी मीडिया में भी हलचल मचा दी थी लेकिन क्या ये वाकई सच है? अगर हम कम्पोजर सलीम मर्चेंट की मानें तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। सलीम मर्चेंट ने कहा है कि बॉलीवुड को हमेशा से ही सेक्युलर रहा है और आज भी इसकी नसों में सर्व धर्म सम्भाव का विचार बहता है। अगर ऐसा ना होता तो एआर रहमान हिन्दू धर्म के सबसे ईष्ट भगवान राम पर बन रही फिल्म का म्यूजिक नहीं दे रहे होते। (इसे भी पढ़ें: राज एंड डीके के साथ सलमान खान की सुपरहीरो मूवी में नजर आएगी ये हसीना !!)
सलीम मर्चेंट ने खोलकर रख दी एआर रहमान के दावों की पोल
कम्पोजर सलीम मर्चेंट ने मीडिया से बात करते हुए बताया है कि बॉलीवुड में धर्म के नाम पर काम नहीं मिलता है। यहां काम करने वाले कलाकार किसी भी धर्म के हो सकते हैं। अगर हुनर है तो बॉलीवुड में काम जरूर मिलेगा। सलीम मर्चेंट ने बताया, "मैं रहमान साहब के अनुभव पर कुछ भी नहीं कहना चाहता हूं और ना ही इसे गलत ठहराना चाहता हूं लेकिन मेरा अनुभ उनसे एकदम अलग है। मुझे पर्सनली कभी भी ऐसा महसूस नहीं हुआ है। मुझे नहीं लगता है कि बॉलीवुड में साम्प्रदायिक भेदभाव है, जिसकी वजह से लोगों को काम नहीं मिल रहा है। मेरा धर्म कभी भी मेरे काम के आड़े नहीं आया है।" (इसे भी पढ़ें: 18 दिनों तक 'गोलमाल 5' की शूटिंग करेंगे अक्षय कुमार, रोहित शेट्टी ने शुरू किया निर्देशन)
सलीम मर्चेंट ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अगर बॉलीवुड में धर्म देखकर काम मिल रहा होता तो एआर रहमान भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी पौराणिक फिल्म रामायण का म्यूजिक नहीं दे रहे होते। सलीम ने तर्क दिया है कि अगर धर्म के आधार पर काम दिया जाता तो रामायण के मेकर्स उन्हें क्यों चांस देते? उन्होने बताया कि ये सबूत है कि फिलम इंडस्ट्री धार्मिक पहचान से ऊपर उठकर काम करती है और टैलेंट तो तवज्जो देती है।
बता दें कि कुछ समय पहले एआर रहमान ने कहा था कि बॉलीवुड में पिछले 8 सालों में पावर शिफ्ट देखने को मिल रहा है और इसे अब वो लोग चला रहे हैं जो क्रिएटिव नहीं हैं। एआर रहमान ने छावा को भी नहीं छोड़ा था और इसे समाज को बांटने वाली मूवी बताया था। एआर रहमान ने बॉलीवुड पर इतना बड़ा इल्जाम क्यों लगाया, ये तो उन्हें ही बताना पड़ेगा लेकिन सलीम मर्चेंट ने रामायण का जो उदाहरण दिया है, वो बताया है कि बॉलीवुड आज भी एकता में भरोसा रखता है।
