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सलीम-जावेद ने स्टेज से उठाकर गोल-मटोल नौजवान को बना दिया Gabbar Singh, जिंदगी भर पछताते रहे डैनी डेन्जोंगपा

Sholay Special: फिल्म 'शोले' में गब्बर सिंह का किरदार निभाकर अमजद खान ने इतिहास रच दिया था। हालांकि, इस रोल के लिए वह पहली पसंद नहीं थे। सलीम-जावेद के एक फैसले ने उन्हें बॉलीवुड का सबसे यादगार विलेन बना दिया।

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अमजद खान कैसे बने गब्बर सिंह (pic credit-instagram/chatgpt)

Amjad Khan as Gabbar Singh: बॉलीवुड की कल्ट क्लासिक फिल्म 'शोले' (Sholay) आज भी दर्शकों के दिलों पर राज करती है। साल 1975 में रिलीज हुई इस फिल्म ने सफलता के ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जो आज भी याद किए जाते हैं। अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, हेमा मालिनी और जया बच्चन जैसे सितारों से सजी इस फिल्म के हर किरदार को खूब पसंद किया गया। हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा गब्बर सिंह (Gabbar Singh) के किरदार की हुई, जिसने फिल्म को एक अलग पहचान दिलाई। अमजद खान ने अपने दमदार अभिनय से इस रोल को अमर बना दिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गब्बर का किरदार पहले किसी और अभिनेता को मिलने वाला था? आइए जानते हैं कैसे सलीम-जावेद के एक फैसले ने अमजद खान को इतिहास रचने का मौका दिया। (टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें-₹3 करोड़ में बनी इस फिल्म का पहले हफ्ता रहा था डब्बा गुल बाद में बनी ब्लॉकबस्टर, हीरो से ज्यादा विलेन की होती है चर्चा)

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कैसे अमजद खान को मिली गब्बर (pic credit-sholay movie)

गब्बर के लिए पहली पसंद था ये एक्टर

एक इंटरव्यू में रमेश सिप्पी ने बताया था कि उन्होंने अमजद खान को एक नाटक में देखा था। उस नाटक में अमजद का एक्टिंग, उनकी आवाज, पर्सनैलिटी और स्क्रीन प्रेजेंस उन्हें काफी जबरदस्त लगी थी। इसके बाद उन्हें गब्बर के किरदार के लिए बुलाया गया। रमेश सिप्पी ने बताया कि उन्होंने अमजद खान को दाढ़ी बढ़ाने के लिए कहा, उन्हें गब्बर की वेशभूषा पहनाई और कुछ तस्वीरें खिंचवाईं। तस्वीरें देखने के बाद उन्हें लगा कि अमजद इस किरदार के लिए बिल्कुल फिट हैं। गब्बर के रोल की तैयारी के लिए अमजद खान ने चंबल के डाकुओं पर आधारित किताब 'अभिशप्त चंबल' भी पढ़ी थी। फिल्म के लेखक सलीम खान और जावेद अख्तर ने भी कास्टिंग में अहम भूमिका निभाई थी। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, गब्बर सिंह के किरदार के लिए सबसे पहले एक्टर डैनी डेन्जोंगपा को चुना गया था। हालांकि, डेट्स की समस्या के कारण वह फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाए।

सलीम खान ने की थी मदद

अनुपमा चोपड़ा की किताब 'शोले: द मेकिंग ऑफ ए क्लासिक' के अनुसार, डैनी के फिल्म छोड़ने के बाद सलीम खान की मुलाकात अमजद खान से हुई। सलीम खान, अमजद के पिता को पहले से जानते थे और उनके परिवार से अच्छे संबंध थे। बातचीत के दौरान सलीम ने अमजद से उनके काम के बारे में पूछा। उस समय अमजद छोटे-मोटे रोल और थिएटर में काम कर रहे थे। सलीम खान ने अमजद की एक्टिंग के बारे में काफी अच्छी बातें सुन रखी थीं। उन्हें लगा कि अमजद शारीरिक रूप से भी गब्बर के किरदार में फिट बैठते हैं। इसके बाद सलीम ने उनसे कहा, "मैं तुम्हें कोई वादा नहीं कर सकता, लेकिन एक बड़ी फिल्म में एक अहम किरदार है। मैं तुम्हें उसके डायरेक्टर से मिलवाऊंगा। अगर तुम्हें यह रोल मिल गया, चाहे मेहनत से या किस्मत से, तो मैं कह सकता हूं कि यह फिल्म का सबसे बेहतरीन किरदार साबित होगा।" हालांकि उस समय अमजद खान इंडस्ट्री में ज्यादा जाने-पहचाने नाम नहीं थे, लेकिन उन्होंने सभी को इंप्रेस कर दिया आखिरकार उन्हें गब्बर सिंह का रोल मिला और उन्होंने अपने दमदार अभिनय से इस किरदार को हमेशा के लिए अमर बना दिया।

Kumar Sarash
कुमार सरसauthor

कुमार सरस टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एंटरटेनमेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और रोचक है, जो पाठकों को तुरंत जोड़ लेती है। कुमार सरस को बॉलीवुड, टीवी और OTT की ट्रेंडिंग खबरों पर काम करने में खास रुचि है। अब तक उन्होंने 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिखे हैं, जिनमें ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव अपडेट्स और एंटरटेनमेंट फीचर्स शामिल हैं।

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