Emraan Hashmi on Haq Role: बॉलीवुड के जाने-माने स्टार इमरान हाशमी (Emraan Hashmi) और यामी गौतम (Yami Gautam) इन दिनों अपनी अपकमिंग कोर्टरूम ड्रामा फिल्म हक (Haq) को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। फिल्म हक से जुड़े एक के बाद एक अपडेट सामने आ रहे हैं। अभी हाल ही में फिल्म हक का ट्रेलर रिलीज हुआ था, जिसे काफी पसंद किया जा रहा है। इन सब के बीच फिल्म हक के स्टार्स ने टाइम्स नाउ की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नविका कुमार (Navika Kumar) के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की है। इस दौरान यामी गौतम और इमरान हाशमी ने पर्सनल लाइफ और बॉलीवुड को लेकर बात की। तो चलिए जानते हैं यामी गौतम और इमरान हाशमी ने इस दौरान किन-किन सवालों का जवाब दिया।
इमरान हाशमी ने अपने किरदार को लेकर कही ये बात
फिल्म हक एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। इसकी वजह फिल्म के स्टार्स का इंटरव्यू जो उन्होंने टाइम्स नाउ की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नविका कुमार को दिया है। इस इंटरव्यू के दौरान इरमान हाशमी ने अपने रोल को लेकर बात की। खास बातचीत में इमरान हाशमी से पूछा गया कि क्या एक मुस्लिम होने के नाते फिल्म को हां कहना मुश्किल था। उन्होंने जवाब दिया, 'इस फिल्म में मुझे दो नजरियों से देखना पड़ा। दो तरह का अप्रोच था। एक तो मैंने इंट्यूटिव लेवल पर देखा जब भी स्क्रिप्ट पढ़ता हूं, अगर स्टोरी और कैरेक्टर पसंद आए, तो वो तो हो ही जाता है। लेकिन यहां मुझे एक और नजरिए से देखना पड़ा एक मुस्लिम की नजर से।' उन्होंने आगे कहा, 'इसे जनरलाइज भी किया जा सकता है। किसी भी कम्युनिटी या जेनरेशन के लोग इससे कनेक्ट कर सकते हैं। लेकिन मुझे लगा कि ये बहुत जरूरी था क्योंकि ये उस वक्त का लैंडमार्क केस था, जिसमें इस कम्युनिटी के दो लोग शामिल थे। मुझे बस ये समझना था कि डायरेक्टर और राइटर का व्यूपॉइंट क्या है। क्या ये बायस्ड है? जवाब है नहीं। ये न्यूट्रल है और केस पर बहुत बैलेंस्ड नजरिया पेश करता है।'
क्या फिल्म की कहानी?
यामी गौतम और इरमान हाशमी की फिल्म हक की कहानी इंडिया के सबसे फेमस केस में से एक शाह बानो केस पर बेस्ड है। ये शाह बानो केस पर बेस्ड है – 1978 में 62 साल की शाह बानो ने अपने वकील पति मोहम्मद अहमद खान से मेंटेनेंस मांगा, जो 1932 से शादीशुदा थे और पांच बच्चों के पिता थे। इंदौर कोर्ट से शुरू होकर सुप्रीम कोर्ट तक गई, जहां 1985 में फैसला आया कि सेक्शन 125 के तहत मेंटेनेंस मिलेगा। लेकिन फिर सरकार ने इस फैसले को पलट दिया। मुस्लिम महिलाओं के हक की ये लड़ाई आज भी रेलिवेंट है। ये फिल्म 7 नवंबर को बड़े पर्दे पर रिलीज होने वाली है।
