Chhello Show: नौ साल के बच्चे के जुनून की कहानी है ऑस्कर में पहुंची 'छेल्लो शो', आप भी हार बैठेंगे अपना दिल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 22, 2022, 12:30 PM IST

Chhello Show Story, Cast and Other Detail: साल 2023 के ऑस्कर नॉमिनेशन में इस बार साल 2021 में आई गुजराती फिल्म छेल्लो शो को ऑफिशियल एंट्री मिल गई है। 

Chhello Show: नौ साल के बच्चे के जुनून की कहानी है ऑस्कर में पहुंची 'छेल्लो शो', आप भी हार बैठेंगे अपना दिल

Chhello Show Story, Cast and Other Detail: साल 2023 के ऑस्कर नॉमिनेशन का रिजल्ट सामने आ गया है। इस बार साल 2021 में आई गुजराती फिल्म छेल्लो शो को ऑस्कर में ऑफिशियल एंट्री मिल गई है। फिल्म को पहली बार साल 2021 में ट्रिबेका फिल्म फेस्टिवल में दिखाया गया था। ऑस्कर नॉमिनेशन की रेस में एसएस राजामौली की RRR, विवेक अग्निहोत्री की फिल्म द कश्मीर फाइल्स, फहद फासिल की फिल्म मलयंकुंजू और साउथ एक्टर नानी की फिल्म श्याम सिंघा रॉय शामिल थी लेकिन बाजी मार ले गई एक गुजराती फिल्म। 

Chhello Show Director and Writer

फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने ऑस्कर 2023 के ऑफिशियल नॉमिनेशन की अनाउंसमेंट कर दी है। ज्यूरी ने ऑस्कर के लिए ऑफिशियल नॉमिनेशन के लिए छेल्लो शो चुना है जिसका अंग्रेजी में नाम लास्ट नाइट शो है। 110 मिनट की फिल्म छेल्लो शो को पान नलिन ने डायरेक्ट किया है, जिसकी राइटिंग भी नालिन ने खुद ही की थी।

Chhello Show Cast

फिल्म में भाविन राबरी, भावेश श्रीमाली, ऋचा मीणा, दीपेन रावल और परेश मेहता ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। समीक्षकों ने इस फिल्म की काफी सराहना की थी। इस फिल्म को अब तक कई फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाया जा चुका है। कई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इस फिल्म ने काफी वाहवाही लूटी है। 

Chhello Show Story

यह कहानी फिल्म दुनिया के प्रति एक अनोखे जूनून को दिखाती है। एक छोटा बच्चा सिनेमा की पृष्टभूमि को समझता है और कम उम्र में कैसे प्रोजेक्टर का निर्माण कर एक थिएटर को तैयार करता है। ये कहानी उस दौर की है जब सिनेमा प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रचलित था। फिल्म की कहानी इस मासूमियत से बनी है कि आप अपना दिल हार बैठेंगे। यह छोटा सा बच्चा फजल नाम के एक सिनेमा प्रोजेक्टर तकनीशियन को रिश्वत देकर एक हॉल के प्रोजेक्शन बूथ में घुसता है और फिल्में देखता है। यहां से उसके दिमाग में फिल्म बनाने का सपना जन्म लेता है। बिना संसाधन के किस तरीके से सिनेमा के जूनून से लबरेज ये बच्चा फिल्म बनाने के अपने सपने को पूरा करता है, यही है फिल्म की कहानी 

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