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फ्लाईदुबई के को-पायलट को सऊदी अरब ने UAE को सौंपा, मकसद की जांच जारी, इजराइल भी करना चाहता है पूछताछ

सऊदी अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद संदिग्ध सह-पायलट को UAE को सौंप दिया है। इजरायल के खुफिया और सुरक्षा अधिकारी भी जांच में मदद के लिए सऊदी अरब में मौजूद हैं। इजरायल ने सह-पायलट को पूछताछ के लिए अनुरोध भी किया है।

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फ्लाईदुबई की फ्लाइट।

Photo : AP

Flydubai Plane Case: फ्लाईदुबई विमान में उड़ान के दौरान कप्तान पर कथित चाकू से हमला करने के आरोपी सह-पायलट को सऊदी अरब ने संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE को सौंप दिया है। बताया गया है कि सऊदी अधिकारियों ने आरोपी सह-पायलट को UAE को उस वक्त सौंपा, जब जांच एजेंसियां विमान में हुए इस गंभीर हमले के पीछे के मकसद का पता लगाने में जुटी हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम, हमले के मकसद और आरोपी सह-पायलट की भूमिका की जांच कर रही हैं। इजराइल अलग से इस मामले की जांच में जुटा है।

विमान में कुल 182 लोग सवार थे

इस बात का पता किया जा रहा है कि भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर हमला करने वाला को-पायलट किसी आतंकी संगठन या किसी कट्टरपंथी विचारधारा से तो जुड़ा नहीं था। यही नहीं, इस बात की भी जांच की जा रही है कि इजराइल जाने वाले इस प्लेन को क्या को-पायलट जानबूझकर गिराने का प्रयास किया। इस विमान में कुल 182 लोग सवार थे जिनमें ज्यादातर इजराइल के नागरिक थे। 29 सितंबर को बोइंग 737 मैक्स 8 विमान संयुक्त अरब अमीरात से तेल अवीव जा रहा था। आरोप है कि सह-पायलट ने कप्तान पर चाकू से हमला किया और विमान को हजारों फीट नीचे गिरा दिया। विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।

सह-पायलट से पूछताछ करना चाहता है इजराइल

सऊदी अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद संदिग्ध सह-पायलट को UAE को सौंप दिया है। इजरायल के खुफिया और सुरक्षा अधिकारी भी जांच में मदद के लिए सऊदी अरब में मौजूद हैं। इजरायल ने सह-पायलट को पूछताछ के लिए अनुरोध भी किया है। अब UAE ने जांच की जिम्मेदारी संभाल ली है। अमीराती सरकार ने कहा है कि उसकी टीम हमले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि 'क्या इसका संबंध किसी आतंकवादी उद्देश्य से था।' UAE के पास इस मामले में अधिकार क्षेत्र इसलिए है क्योंकि विमान UAE में पंजीकृत है और विमान के अंदर हुए अपराधों पर उसके कानून लागू होते हैं।

सह-पायलट की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई

एक क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि जांच में कई संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है, जिनमें आतंकवाद और मानसिक विकार भी शामिल हैं। अधिकारी ने कहा, 'आतंकवाद से लेकर मानसिक विकार तक सभी संभावित परिस्थितियों की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया गया है।' सह-पायलट की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। सऊदी अधिकारी इजरायल समेत कई देशों के साथ मिलकर घटना के पीछे के मकसद का पता लगाने में जुटे थे। UAE, अमेरिका और ओमान भी जांच में शामिल हैं। इजराइली अधिकारी संदिग्ध से पूछताछ में मदद के लिए सऊदी अरब में मौजूद थे। इजरायल ने उसे पूछताछ के लिए अपने देश भेजने का अनुरोध किया है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह अनुरोध स्वीकार किया जाएगा या नहीं।

'इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था'

UAE ने कहा है कि जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि हमले का संबंध किसी आतंकवादी उद्देश्य से था या नहीं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि सह-पायलट इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था और संभवतः विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश कर रहा था। नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज से कहा, 'हमले के आरोपी सह-पायलट से अब पूछताछ की जा रही है। अभी तक हमें जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार वह इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था।' नेतन्याहू ने कॉकपिट के अंदर हुई हाथापाई का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, सह-पायलट बार-बार चालक दल के सदस्यों से उसे मारने के लिए कह रहा था।

ईयरफोन के तारों से को-पायलट को बांधा था

उन्होंने कहा, 'उन्हें उसके हाथ बांधने के लिए ईयरफोन के तारों का इस्तेमाल करना पड़ा और फिर प्लास्टिक कफ लगाए गए। वह फर्श पर पड़ा हुआ था और चालक दल से कह रहा था-‘मुझे मार दो, मुझे मार दो।’ इससे स्पष्ट है कि वह आत्मघाती था और विमान को गिराने वाला था।' इजराइल के एक अधिकारी ने अलग से द टाइम्स ऑफ इजरायल को बताया कि सह-पायलट से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट में कथित तौर पर यहूदियों की हत्या से संबंधित सामग्री थी। अधिकारी के अनुसार, इन सामग्रियों से संकेत मिलता है कि वह जिहादी विचारधारा की ओर कट्टरपंथी हो गया था। हालांकि अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि औपचारिक जांच अभी जारी है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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