बॉलीवुड की जानी-मानी अदाकारा नीतू चंद्रा ने पटना हाईकोर्ट में एक पीआईएल दायर की है, जिसमें उन्होंने डबल मीनिंग और वल्गर भोजपुरी गानों के खिलाफ आवाज बुलंद की है। नीतू चंद्रा ने डिमांड की है कि डबल मीनिंग भोजपुरी गानों को पूरी तरह से बंद किया जाना चाहिए क्योंकि इनसे समाज पर गलत असर पड़ता है। इन गानों में ऐसे शब्द होते हैं कि समाज की महिलाएं सुरक्षित फील नहीं करती हैं। यहां तक कि महिलाएं घर पर टीवी पर कुछ देख भी नहीं पाती हैं क्योंकि उस पर ऐसे ही डबल मीनिंग गाने आते हैं।
नीतू चंद्रा ने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा है, भोजपुरी गानों की वजह से छोटी बच्चियां स्कूल में सुरक्षित नहीं हैं। उन्हें स्कूल जाने में डर लगता है। नीतू ने अपनी बात रखते हुए ऐसे सिंगर्स के खिलाफ भी एक्शन लेने की मांग रखी है, जो ऐसे गाने बना रहे हैं। अदाकारा के अनुसार, ऐसे गानों की वजह से समाज में महिलाओं की इज्जत घट रही है और लोगों की सोच पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
अदाकारा नीतू चंद्रा ने एक पोर्टल से बात करते हुए कहा है, 'वल्गर हिन्दी और भोजपुरी गाने बिहार की स्कूल जाने वाली बच्चियों के लिए खतरा हैं। जब वो रोड पर चलती हैं तो लोग घटिया गाने गाते हैं, जिनसे उनके मन में असुरक्षा का भाव बढ़ता है। इन गानों के चलते महिलाएं घर में टीवी पर कुछ देख नहीं पाती हैं क्योंकि उन्हें डर लगा रहता है कि पता नहीं कौन सी लाइन उन्हें शर्मसार कर दे।'
बताते चलें कि भोजपुरी गानों में घटिया शब्दों को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है। रवि किशन और मनोज तिवारी जैसे कलाकार ऐसे गानों के खिलाफ बोल चुके हैं लेकिन फिर भी नए सिंगर्स व्यूज के लिए ऐसे गाने बना रहे हैं। नीतू चंद्रा ने जिस तरह से ऐसे गानों के खिलाफ आवाज बुलंद की है, उसे देखकर कहा जा सकता है कि इस दफा ऐसे गानों पर कुछ तो लगाम कसी जाएगी।
