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Adipurush को लेकर भड़के सियासी दलः बोले- भाषा ‘टपोरी’, संवाद ‘सड़क छाप’ और हनुमान दिखा दिए गए ‘एंग्री बर्ड’ जैसे

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jun 18, 2023, 03:30 PM IST

Adipurush Controversy: प्रभास स्टारर इस फिल्म को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की दिल्ली इकाई ने ‘विवादित’ दृश्यों और संवादों की पुन: समीक्षा किए जाने तक ‘आदिपुरुष’ के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है, जबकि आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) सहित और सियासी दलों ने भी ओम राउत की फिल्म में भगवान हनुमान की प्रस्तुति से लोगों की भावनाएं कथित तौर पर आहत करने को लेकर आलोचना की है।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

Adipurush Controversy: फिल्म आदिपुरुष को भले ही बॉक्स ऑफिस पर जबदस्त ओपनिंग मिली हो, मगर इसे बड़े स्तर पर आलोचना का सामना भी करना पड़ा। हिंदू संगठनों के बाद सियासी दलों ने इस फिल्मों को लेकर अपना आपत्ति जताई है। कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने फिल्म की भाषा को ‘टपोरी’ वाली करार दिया। उन्होंने कहा कि यह लोगों की भावनाओं को आहत करती है।

वह बोलीं, ‘‘भगवान हनुमान भद्रता और गंभीरता के प्रतीक हैं। 1987 में जब रामानंद सागर ने रामायण धारावाहिक का निर्माण किया था तब के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि ‘रामायण’ करोड़ों दर्शकों के दिलों और दिमाग को प्रज्जवलित करती है। यह भारत की महान संस्कृति, परंपरा और नैतिकता को प्रसारित करती है। रामायण के लेखक रामानंद सागर थे, जिन्होंने टपोरी भाषा से करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत नहीं किया, बल्कि समाज के दिल और दिमाग में सियाराम की मधुर, सौम्य और ओजस्वी छवि स्थापित की।’’

बकौल श्रीनेत, "धर्म और धर्म के कारोबार में यही अंतर है। अपनी चाटुकारिता के बल पर सस्ती लोकप्रियता तो मिल जाएगी, बड़े शो भी मिल जाते हैं, लेकिन हुनर ना होना आड़े ज़रूर आता है। जो हनुमान को ‘तेरे बाप की जली’ कहलवा दे, वो लेखक तो विद्रूप है ही, लेकिन हिंदू भी बड़ा भोंडे क़िस्म का है।"

शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मुंतशिर के साथ फिल्म निर्देशक राउत को फिल्म में खासतौर पर भगवान हनुमान के लिए ‘सड़क छाप’ संवाद के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। चतुर्वेदी बोलीं, ‘‘मनोरंजन के नाम पर जिस तरह से हमारे देवताओं के लिए भाषा का प्रयोग किया गया है वह सभी भारतीयों की भावनाओं को आहत करता है। अगर आप ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ राम पर फिल्म बनाते हैं और बॉक्स ऑफिस पर जल्द सफलता हासिल करने के लिए सभी मर्यादाओं का उल्लंघन करते हैं तो वह अस्वीकार्य है।’’

इस बीच, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फिल्म के संदर्भ में मीडिया से कहा, ''आजकल हमारे जितने भी आराध्य देव हैं उनकी छवि बिगाड़ने का काम हो रहा है। हमने भगवान राम और हनुमान के कोमल चेहरे को भक्ति में सराबोर देखा है, पर बीते कुछ साल से इस छवि को बदलने का प्रयास किया जा रहा है...पर इस फिल्म में भगवान राम को 'युद्धक' (योद्धा) राम और हनुमान को ‘एंग्री बर्ड’ के रूप में दिखाया गया है। न तो हमारे पूर्वजों ने भगवान हनुमान की ऐसी छवि की कल्पना की है और न ही हमारा समाज इसे स्वीकार करता है।’’

वहीं, पूरे विवाद के बीच भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर से अनुरोध किया है कि फिल्म के विवादित दृश्यों और संवादों की दोबारा समीक्षा की जानी चाहिए।

दरअसल, ओम राउत की यह फिल्म 16 जून 2023 को रिलीज हुई है। यह महाकाव्य रामायण को बड़े पर्दे पर चित्रित करती है। इस मूवी को वीएफएक्स प्रभाव और डायलॉग को लेकर सोशल मीडिया पर खासा आलोचना का सामना करना पड़ा है। साथ ही ‘लंका दहन’ सहित कुछ और सीन्स में भगवान हनुमान के संवाद को लेकर इसके लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला आलोचकों के निशाने पर आ गए। हालांकि, उन्होंने रविवार को ऐलान किया कि फिल्म के विवादित संवाद को बदला जाएगा।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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