Amethi Seat: उत्तर प्रदेश की लोकसभा की बड़ी सीटों में से एक अमेठी सीट को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पीलीभीत से वर्तमान सांसद वरुण गांधी, अमेठी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। वरुण गांधी के विद्रोही तेवर को देखते हुए ऐसा कहा जा रहा है कि बीजेपी उन्हें इस बार टिकट नहीं देगी। वहीं राहुल गांधी अमेठी से इस बार लड़ेंगे या नहीं, साफ नहीं है। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि वरुण गांधी निर्दलीय अमेठी से चुनाव लड़ सकते हैं। जिन्हें कांग्रेस और सपा का समर्थन हासिल होगा। वहीं मेनका गांधी की पीलीभीत वापसी हो सकती है। जहां से वरुण गांधी अभी सांसद हैं।
राहुल गांधी के अमेठी से चुनाव लड़ने की संभावना कम
जब से राहुल गांधी 2019 में अमेठी से भाजपा की स्मृति ईरानी से चुनाव हार गए, तब से उन्होंने अपने 'पारिवारिक निर्वाचन क्षेत्र' को फिर से हासिल करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। राहुल अब केरल के वायनाड से लोकसभा सांसद हैं और सूत्रों की मानें तो राहुल फिर से वायनाड से चुनाव लड़ना पसंद करेंगे।
रायबरेली से प्रियंका गांधी की चर्चा
अगर प्रियंका गांधी लोकसभा चुनाव लड़ती हैं तो उनके अमेठी की जगह रायबरेली को चुनने की भी संभावना है। इस आशय का संकेत पहले से ही उस पत्र में दिया गया था, जो सोनिया ने इस महीने की शुरुआत में अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था, “मुझे पता है कि आप भविष्य में भी मेरे और मेरे परिवार के साथ खड़े रहेंगे, जैसा कि आप अतीत में करते थे।”
मेनका गांधी के सामने भी संकट
सूत्रों की मानें तो वरुण गांधी अमेठी में स्थानांतरित हो सकते हैं जबकि मेनका गांधी वापस पीलीभीत जा सकती हैं। जहां उनका मजबूत आधार बना हुआ है। वरुण के निर्दलीय चुनाव लड़ने की संभावना है और कांग्रेस और समाजवादी पार्टी उन्हें समर्थन दे रही है। वरुण के अखिलेश यादव के साथ अच्छे संबंध हैं। उधर मेनका के निर्वाचन क्षेत्र सुल्तानपुर में पूर्व ईडी अधिकारी से नेता बने राजेश्वर सिंह भाजपा से एक मजबूत दावेदार हैं। उनकी नजर सुल्तानपुर सीट पर है।
