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'हम अनुशासित लोग हैं, अनुशासित ही रहेंगे', दिल्ली रवाना हुए मांझी, सीट बंटवारे पर सुलह के दिए संकेत

बिहार में विधानसभा की 243 सीटों के लिए मतदान दो चरणों 6 नवंबर और 11 नवंबर को होगा जबकि चुनाव नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। एनडीए ने अभी अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। समझा जाता है कि सीट बंटवारे पर सहमति बनते ही उम्मीदवारों की घोषणा होगी।

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025। तस्वीर-PTI

Photo : PTI

Jitan Ram Manjhi: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीट बंटवारे पर बना गतिरोध खत्म होता दिख रहा है। चिराग पासवान के बाद हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) के सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने भी शनिवार को ऐसा ही संकेत दिया। पटना से दिल्ली के लिए रवाना होते समय मीडिया से बातचीत में मांझी कहा कि सीट बंटवारे पर फैसला करना है और हम लोग एनडीए के सहयोगी दल हैं। हम दिल्ली जा रहे हैं। मांझी ने कहा कि वह अनुशासित व्यक्ति हैं और अनुशासित ही रहेंगे।

बिहार में विधानसभा की 243 सीटों के लिए मतदान दो चरणों 6 नवंबर और 11 नवंबर को होगा जबकि चुनाव नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। एनडीए ने अभी अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। समझा जाता है कि सीट बंटवारे पर सहमति बनते ही उम्मीदवारों की घोषणा होगी।

जो सीटें मिलेंगी उस पर चुनाव लड़ेंगे-मांझी

केंद्रीय मंत्री दिल्ली के लिए विशेष विमान से आज पटना से रवाना हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि फैसला होने वाला है यहां भी बात हुई है दिल्ली में भी बात होने वाला है। वहीं पर फैसला होता है। एनडीए के सभी नेता दिल्ली में बैठे हुए हैं। हम भी पीछे से जा रहे हैं। जेपी नड्डा के सीट शेयरिंग पर सभी मान गए हैं। मांझी ने कहा कि अध्यक्ष की बात माननी ही पड़ेगी। सीटों की संख्या पर माझी ने कहा कि 'मुझे कुछ पता नहीं, हम अनुशासित लोग हैं, अनुशासन में रहेंगे जो सीटें मिलेंगी उस पर चुनाव लड़ेंगे।'

SIR कोई असली मुद्दा नहीं है-राजीव रंजन

इस बीच, JDU नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि SIR की प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद जिस मतदाता सूची पर चुनाव होने है वह सामने आ गई है। पर्याप्त समय मिला, जिनका नाम रह गया उनकी आपत्तियों के आधार पर उन्हें जोड़ा गया। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी कहा है कि SIR कोई असली मुद्दा नहीं है। अब जमीन पर ज्यादा से ज्यादा राजनीतिक दलों की जवाबदेही ये है कि मतदान अच्छे से हो, ज्यादा से ज्यादा मतदाता मतदान के इस पर्व में शामिल हों। आज लोकतंत्र में जनादेश के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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