इलेक्शन

'आपने मुझे बनारसी बना दिया...', चुनाव से पहले काशी के 2000 घरों में पहुंची PM Modi की चिट्ठी

PM Narendra Modi: पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने खत में कहा कि हम काशी की बात करें तो मुझसे अधिक आपको पता है। इन 10 वर्षों में काशी के विकास को लेकर हमने जो संकल्प लिए थे, एक-एक कर पूरे हो रहें हैं। बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से जो कुछ कर पाया हूं, अभी बहुत कुछ करना बाकी है।

Image

पीएम मोदी

Photo : Twitter

PM Narendra Modi: लोकसभा चुनाव में पांच चरण के मतदान हो चुके हैं। शनिवार को छठे चरण में 7 राज्यों की 58 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इसके बाद 7वें चरण के मतदान होंगे, जिसमें यूपी और देश की सबसे हॉटशीटों में शुमार वाराणसी लोकसभा सीट पर भी चुनाव होंगे। इस सीट से लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव लड़ रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी के प्रबुद्ध और पद्मश्री से नवाजे गए 2,000 लोगों को चिट्ठी लिखी है।

उन्होंने चिट्ठी लिखकर काशी की इन सभी खास हस्तियों के परिवार के सदस्यों और अपनी संस्था के लोगों को मतदान स्थल तक लाने में सक्रिय रूप से योगदान देने की अपील की है। इस चिट्ठी में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि काशीवासियों के प्यार ने मुझे बनारसी बना दिया है। इस चिट्ठी में पीएम मोदी ने लिखा, आपको अवगत है कि भारतीय लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व चल रहा है। काशी लोकसभा में पहली जून को मतदान होना है। काशी में आप सबके आत्मीय प्यार ने मुझे बनारसी बना दिया। केवल सांसद ही नहीं, बल्कि स्वयं को काशी के बेटे के रूप में पाता हूं। आप सबसे यह निवेदन है कि पहली जून को एक-एक वोट भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में हो। आपके एक वोट की ताकत से आज देश का भविष्य निर्माण हो रहा है। भारत को सामर्थ्यवान बनाने में आपका ही बड़ा योगदान है।

अभी बहुत कुछ करना बाकी

पीएम मोदी ने खत में आगे लिखा, हम काशी की बात करें तो मुझसे अधिक आपको पता है। इन 10 वर्षों में काशी के विकास को लेकर हमने जो संकल्प लिए थे, एक-एक कर पूरे हो रहें हैं। बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से जो कुछ कर पाया हूं, अभी बहुत कुछ करना बाकी है। 2024 का चुनाव बहुत मायने में महत्वपूर्ण है। आपके मत एवं समर्थन से ही विकसित भारत का संकल्प पूर्ण होगा। पीएम मोदी ने खत के आखिर में अपील करते हुए लिखा, 1 जून को स्वयं, परिवार के सदस्यों एवं अपनी संस्था के लोगों को मतदान स्थल तक लाने में सक्रिय रूप से योगदान करें। अपनी संस्कृति, अपनी परंपरा, अपने गौरव को और अधिक ऊंचाईयां देने के लिए साथ चलें।

तीसरी बार मैदान में हैं पीएम मोदी

इससे पहले पीएम मोदी के समर्थन में वाराणसी में मातृशक्ति ने मां गंगा की आरती उतारी थी। नमामि गंगे की महिला सदस्यों ने चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी की जीत के लिए वाराणसी के गायघाट पर मां गंगा की पूजा-अर्चना की थी। नमामि गंगे की महिला सदस्यों ने गायघाट पर हाथ में पीएम मोदी की फोटो लेकर आरती की। इसके अलावा वहां मौजूद अन्य लोग 'मैं हूं मोदी का परिवार' और 'तीसरी पारी तीसरी आर्थिक महाशक्ति' के पोस्टर लेकर खड़े दिखे। बता दें, लोकसभा के सातवें और आखिरी चरण में एक जून को 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की 57 लोकसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। वाराणसी सीट पर भी सातवें चरण में एक जून को वोट डाले जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से तीसरी बार चुनाव मैदान में हैं। पीएम मोदी यहां से लगातार 10 साल से सांसद हैं। चुनाव के नतीजे 4 जून को घोषित किए जाएंगे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article