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Dinesh Patel: गुजरात के 'दीनू मामा', जिनकी बगावत पड़ सकती है BJP को भारी, पादरा में तीन ओर से घिरी भाजपा

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 20, 2022, 06:10 PM IST

इस बार के गुजरात चुनाव में भाजपा ने 42 मौजूदा विधायकों का टिकट काट दिया था। जिनमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल के पांच मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष निमाबेन आचार्य का नाम भी शामिल है। साथ ही कई पूर्व विधायकों को भी टिकट नहीं दिया गया है। जिसके बाद कई नेताओं ने बागी रूख अपना लिया है।

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निर्दलीय चुनाव में उतरे दिनेश पटेल (फोटो- फेसबुक)

हिमाचल की तरह ही भाजपा को गुजरात में अपने ही नेताओं की बगावत का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता टिकट कटने के बाद निर्दलीय चुनावी मैदान में उतर गए हैं। इन्हीं में से एक हैं दिनेश पटेल उर्फ दीनू मामा।

कौन हैं दीनू मामा

दिनेश पटेल वडोदरा से आते हैं। पादरा सीट से विधायक रहे हैं। पार्टी में कद्दावर नेता माने जाते हैं। टिकट की घोषणा से पहले सबको लग रहा था कि दीनू मामा को आसानी से टिकट मिल जाएगी, लेकिन जब इस सीट से बीजेपी ने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कि तो दीनू मामा और उनके समर्थकों को बड़ा झटका लगा, भाजपा ने दिनेश पटेल की जगह चैतन्य सिंह झाला को टिकट दे दिया था।

बागी बन गए दिनेश पटेल

टिकट की घोषणा होते ही दिनेश पटेल बागी हो गए। बीजेपी के नेता उन्हें मनाने का प्रयास करते रहे लेकिन वो नहीं माने। खुद राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी इन्हें मनाने के लिए वडोदरा गए, लेकिन इन्होंने उनसे मिलने से इनकार कर दिया और निर्दलीय चुनाव में उतर गए। दिनेश पटेल सबसे ज्यादा चैतन्य सिंह को टिकट मिलने से नाराज हैं। चैतन्य सिंह, दिनेश पटेल के लंबे समय से विरोधी रहे हैं।

कांग्रेस के कब्जे में सीट

इस सीट से पिछली बार भाजपा ने दिनेश पटेल को ही टिकट दिया था, लेकिन तब वो चुनाव हार गए थे। 2017 में इस सीट पर कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया था। इस बार भी कांग्रेस की कोशिश इस सीट पर जीत दोहराने की है।

तीन ओर से घिरी बीजेपी

इस सीट पर बीजेपी तीन ओर से घिरी दिख रही है। पादरा से उसे एक ओर जहां दीनू मामा की बगावत झेलनी पड़ रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस और तीसरी ओर आप ने उसे घेर रखा है। तीनों ही पार्टियों ने इस बार राजपूत उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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