Bihar Assembly Election 2025 : बिहार में विधानसभा चुनाव में सियासी पारा काफी गर्म हो चुका है। टिकट नहीं मिलने पर नेता बागी हो गए हैं। नौबत मारपीट तक आ गई है। इन सबके बीच प्रचार अभियान में जुटे नेता अपने विरोधियों पर जुबानी हमले तेज कर चुके हैं। बिहार चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एंट्री हो चुकी है। गुरुवार को दानापुर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह चुनाव विकास बनाम बुर्के का है। बिहार में मची इस सियासी घमासान के बीच टाइम्स नाउ नवभारत की इलेक्शन यात्रा छपरा पहुंची। सारण एवं छपरा की यह धरती लोकनायक जयप्रकाश नारायण की है। यह इलाका कभी राजद का गढ़ था। चुनाव की इस घड़ी में छपरा में क्या चुनावी माहौल और लोग इस चुनाव के बारे में क्या सोच रहे हैं, लोगों के इस मिजाज को टाइम्स नाउ नवभारत के रिपोर्टर राकेश पांडे ने पकड़ा।
चुनावी कार्यक्रम में भाजपा के नेता एवं प्रवक्ता धर्मेंद्र चौहान, कांगेस के नेता एवं प्रवक्ता-राहुल यादव, राजद के नेता एवं प्रवक्ता-प्रो. दिनेश पाल, जदयू के नेता प्रवक्ता इंजीनियर प्रभास और निर्दलीय उम्मीदवार राखी गुप्ता शामिल हुईं।
चर्चा में भाग लेते हुए धर्मेंद्र चौहान ने कहा कि योगी आदित्यनाथ एक राज्य के मुख्यमंत्री तो हैं ही पीएम मोदी के बाद देश में उनका कद सबसे बड़ा है। सीएम योगी के आने से माहौल बदलेगा। उनकी मांग दक्षिण भारत में भी बहुत है। हालांकि लोगों का मानना है कि यूपी के सीएम के यहां आने से बिहार में कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि यहां की समस्याएं कुछ दूसरी तरह की हैं। छपरा के लोग चाहते हैं कि चुनाव में विवादित मुद्दों पर नहीं बल्कि विकास के मुद्दों पर बात हो। बिहार में मुद्दा पलायन, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य है। एक महिला ने कहा कि 2005 के पहले बिहार की हालत सभी को पता थी। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को संवार कर यहां तक ले आए हैं। 2025 में बिहार को नीतीश की जरूरत है।
दिनेश पाल ने कहा कि हमारा गठबंधन एकजुट और मजबूत है। सारण में हम 10 सीट जीतेंगे। बिहार में इस बार महागठबंधन की सरकार बनेगी। बिहार में एक समुदाय की आबादी 17 प्रतिशत है और इस समुदाय की महिलाओं का अपमान किया गया है। भाजपा नेता चौहान ने कहा कि उनकी पार्टी का एक विधान है। योगी, हिमंता भाजपा के नेता हैं। पूरे देश में इनकी मांग है।
कांग्रेस नेता राहुल यादव ने कहा कि योगी का राजनीतिक इतिहास देश के लोग जानते हैं। बिहार में शांति व्यवस्था कायम है। यहां सांप्रदायिक बातों के लिए जगह नहीं। योगी जी को हिंदू-मूसलमानों के ध्रुवीकरण के लिए लाया जा रहा है। जदयू के प्रभास ने कहा कि बिहार में यदि दंगा-फसाद नहीं हुआ तो इसका श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जाता है। विपक्ष के लोग केवल आरोप लगाते हैं। सुशासन की बात नहीं करते। इनके नेता भागलपुर दंगाई को सोनपुर मेले में चांदी का मुकूट पहनाकर स्वागत किया गया। जबकि निर्दलीय उम्मीदवार राखी गुप्ता ने कहा कि उन्होंने भाजपा को नहीं छोड़ा है।
1957 में छपरा विधानसभा का गठन हुआ। 1967 से अब तक इस सीट पर या तो राजपूत या यादव उम्मीदवार जीतते रहे हैं। इस सीट पर कांग्रेस चार बार जीती। अंतिम बार उसने 1972 में जीत दर्ज की। इस सीट पर भाजपा/जनसंघ को चार बार जीत मिली है। तो दो बार यह सीट आरजेडी के खाते में गई है। जनता पार्टी को दो बार, जनता दल/जदयू को यहां एक बार जीत मिली। प्रजा सोशलिस्ट पार्टी भी यहां एक बार जीत चुकी है। इस सीट से दो बार निर्दलीय भी विजयी हो चुके हैं।
