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Jharkhand Chunav: कब होगा झारखंड विधानसभा चुनाव का ऐलान? निर्वाचन आयोग ने दिया ये बड़ा अपडेट

निर्वाचन आयोग ने ये साफ कर दिया है कि झारखंड विधानसभा चुनाव में धनबल का इस्तेमाल बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। झारखंड और महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में हर किसी को इंतजार है कि इन चुनावों के लिए तारीखों का ऐलान कब होगा? फिलहाल तारीखों से जुड़ा अपडेट आने का इंतजार है।

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चुनाव आयोग ने झारखंड चुनाव को लेकर क्या कहा?

Photo : BCCL

Jharkhand Assembly Elections: निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को केंद्रीय और राज्य प्रवर्तन एजेंसियों को स्पष्ट कर दिया कि 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा के आगामी चुनाव में वह धनबल के इस्तेमाल को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने चुनाव आयुक्तों ज्ञानेश कुमार और डॉ. एस एस संधू के साथ यहां चुनाव तैयारियों की समीक्षा की और राजनीतिक दलों, सुरक्षा बलों और अन्य हितधारकों के साथ बैठकें कीं।

चुनावों में धनबल का इस्तेमाल बिल्कुल बर्दाश्त नहीं

निर्वाचन आयोग ने एक विज्ञप्ति में कहा, 'डीआरआई (राजस्व खुफिया निदेशालय), एनसीबी (स्वापक नियंत्रण ब्युरो), राज्य और केंद्रीय जीएसटी (माल एवं सेवाकर), आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल), आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक), राज्य पुलिस, आयकर, प्रवर्तन निदेशालय आदि जैसी लगभग 20 केंद्रीय और राज्य प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान, आयोग ने प्रलोभन मुक्त चुनावों पर अपने जोर को रेखांकित किया। आयोग ने चुनावों में धनबल के इस्तेमाल के प्रति अपनी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति व्यक्त की।'

जनता को अनुचित तरीके से परेशान नहीं किया जाए

सीईसी ने अधिकारियों को आगाह किया कि चुनाव के दौरान जांच के नाम पर जनता को किसी भी तरह से अनुचित तरीके से परेशान नहीं किया जाए। निर्वाचन आयोग ने सभी प्रवर्तन एजेंसियों को "राज्य में अवैध शराब, नकदी और नशीले पदार्थ के प्रवाह को रोकने के लिए समन्वित तरीके से काम करने का निर्देश दिया।'

राज्य की सामाओं की व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा

आयोग ने पुलिस और आबकारी विभाग को शराब और नशीले पदार्थों के सरगनाओं के खिलाफ कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित करने और व्यापक रोकथाम के लिए अंतर-राज्यीय सीमा और नाका व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए कहा। आयोग ने अधिकारियों को पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार के साथ झारखंड की सीमाओं पर विशेष ध्यान बनाए रखने का निर्देश भी दिया। कयास लगाए जा रहे हैं कि झारखंड और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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