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Karnataka Election 2023: रोचक होने जा रहा कर्नाटक का चुनावी मुकाबला, कांग्रेस के लिए प्रचार करने उतरेंगी सोनिया गांधी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 3, 2023, 10:37 PM IST

Karnataka Election 2023: पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी छह मई से कर्नाटक विधानसभा चुनावा में कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगी। वह छह मई को हुबली जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगी।

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सोनिया गांधी

Photo : ANI

Karnataka Election 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सियासी मुकाबला काफी दिलचस्प होने जा रहा है। भाजपा के बढ़ते हमलों के बीच एक बार फिर से पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी चुनाव प्रचार में उतरने जा रही हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी छह मई से कर्नाटक विधानसभा चुनावा में कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगी। वह छह मई को हुबली जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगी।

यह जानकारी तब सामने आई है कि जब भारतीय जनता पार्टी कर्नाटक में खुलकर हिंदुत्व कार्ड खेल रही है। कांग्रेस का मेनिफेस्टो जारी होने के बाद भाजपा की तरफ से कांग्रेस नेताओं पर हमले बढ़ गए हैं।

प्रियंका ने बोला भाजपा पर हमला

इससे पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने बुधवार को कर्नाटक के कालाबुरागी में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा और पीएम मोदी पर जमकर हमला किया। प्रियंका गांधी ने कहा, पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने एक सपना देखा था कि वह कर्नाटक को सबसे विकसित राज्य बनाएंगे। यह उनकी भाजपा सरकार थी, जिसने कर्नाटक को लूटा। प्रियंका ने कहा, जब लूट हुई थी, तो क्या पीएम सपना देख रहे थे, वह क्या कर रहे थे? इस दौरान कांग्रेस नेता ने 40 प्रतिशत कमीशन के मुद्दे को भी उछाला। उन्होंने कहा, भाजपा ने पिछले तीन सालों में अपनी छवि '40% सरकार' के रूप में बनाई है। पूरा कर्नाटक जानता है, ठेकेदारों और किसानों ने आत्महत्या की, जबकि विधायक के बेटे के घर से करोड़ों की नकदी बरामद हुई।

भाजपा ने उछाला बजरंग दल का मुद्दा

दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे को उछाला है। दरअसल, कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है, जिसको लेकर भाजपा ने पार्टी की आलोचना की है। पीएम मोदी का कहना है कि यह देश का दु्र्भाग्य है कि कांग्रेस पार्टी आज जय बजरंग बली बोलने वालों पर प्रतिबंध लगाने का विचार कर ही है। पहले ये लोग भगवान श्रीराम को ताले में बंद करते थे आज बजरंगबली को ताले में बंद करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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