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Sikkim Chunav Result 2024 Live: प्रेम सिंह तमांग फिर बन सकते हैं सिक्किम के मुख्यमंत्री, SKM ने 32 में 31 सीटें जीतींं

Sikkim Chunav Result 2024, Sikkim Election Result 2024 Updates (सिक्किम विधानसभा चुनाव परिणाम 2024): सिक्किम में एसकेएम सभी 32 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इसमें 31 कैंडिटेड को चुनाव में जीत हासिल हुई है। इसके बाद एसडीएफ ने भी 32 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे, जिसमें उसे सिर्फ एक सीट पर जीत मिली है। बीजेपी ने 31, सीएपी-सिक्किम ने 30 और कांग्रेस ने 12 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे।

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Sikkim Election result.

Photo : Times Now Digital

Sikkim Assembly Election Result Updates Live: सिक्किम विधानसभा चुनावों के लिए मतों की गिनती पूरी हो गई है। मतगणना सुबह छह बजे से शुरू हुई। 32 सीटों पर सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM) प्रचंड जीत हासिल की है, उसे 31 सीटों पर जीत मिली है। इसी के साथ प्रेम सिंह तमांग लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनते दिखाई दे रहे हैं। वहीं एक सीट पर विपक्षी पार्टी एसडीएफ का उम्मीदवार विजयी रहा है।

बता दें, सिक्किम में एसकेएम और एसडीएफ ने सभी 32 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इसके बाद बीजेपी ने 31, सीएपी-सिक्किम ने 30 और कांग्रेस ने 12 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। चुनाव परिणामों में बीजेपी और कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली।

फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं प्रेम सिंह तमांग

सिक्किम के निवर्तमान मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की पार्टी सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM) बड़ी जीत की ओर अग्रसर है। उनकी पार्टी को 32 में से 31 सीट मिलने के आसार हैं। इसके साथ ही प्रेम सिंह तमांग के लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदों को बल मिला है। बता दें प्रेम सिंह तमांग यहां की दो सीटों से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। रेनॉक विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री और एसकेएम उम्मीदवार प्रेम सिंह तमांग अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं एसडीएफ उम्मीदवार सोमनाथ पौडयाल से करीब 6,443 मत से आगे हैं। साथ ही, वह सोरेंग चाकुंग विधानसभा क्षेत्र में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं एसडीएफ उम्मीदवार ए डी सुब्बा से 2,052 मत से आगे हैं।

पूर्व सीएम पवन कुमार चामलिंग हार सकते हैं चुनाव

वहीं, सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री और एसडीएफ सुप्रीमो पवन कुमार चामलिंग नामचेयबुंग सीट पर एसकेएम उम्मीदवार राजू बसनेत से 1,852 मत से पीछे हैं। चामलिंग पोकलोक-कामरंग विधानसभा क्षेत्र में भी एसकेएम के भोजराज राय से 2,728 मत से पीछे हैं। इसके अलावा, भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और एसडीएफ उम्मीदवार बाईचुंग भूटिया, बरफंग विधानसभा सीट पर एसकेएम उम्मीदवार एवं अपने प्रतिद्वंद्वी रिक्सल दोरजी भूटिया से 4,346 मत से पीछे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सिक्किम इकाई के अध्यक्ष दिली राम थापा अपर बुरटुक विधानसभा क्षेत्र में एसकेएम उम्मीदवार काला राय से 2,312 मत से पीछे हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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