Rajasthan Govind Singh Dotasra Laxmangarh Assembly Election 2023: राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा इस बार लक्ष्मणगढ़ से चौथी बार चुनावी मैदान में हैं। उनके सामने इस बार बीजेपी ने कड़ा उम्मीदवार उतारा है, जो पहले कांग्रेस में ही थे।
कौन हैं गोविंद सिंह डोटासरा
गोविंद सिंह डोटासरा का जन्म 1 अक्टूबर 1964 को राजस्थान के सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ में मोहन सिंह डोटासरा और रूपी देवी के घर हुआ था। उनके पिता एक सरकारी शिक्षक थे। उनकी स्कूली शिक्षा पैतृक गांव में हुई और उसके बाद उन्होंने बी.कॉम, बी.एड. और एल.एल.बी. राजस्थान विश्वविद्यालय से की। पढ़ाई के बाद उन्होंने सीकर कोर्ट में वकालत शुरू कर दी। 4 मार्च 1984 को उनकी शादी एक शिक्षिका सुनीता देवी से हुई। उनके दो बेटे हैं।
गोविंद सिंह डोटासरा का राजनीतिक कैरियर
गोविंद सिंह डोटासरा ने राजनीति की शुरुआत में ही कांग्रेस में शामिल हो गए थे। डोटासरा 1981 से कांग्रेस के सदस्य हैं। डोटासरा को 2005 में लक्ष्मणगढ़ पंचायत समिति के प्रधान के रूप में चुना गया था। 2008 में, उन्होंने पहली बार राजस्थान विधान सभा चुनाव लड़ा और स्वतंत्र उम्मीदवार दिनेश जोशी के खिलाफ लक्ष्मणगढ़ की सीट 34 वोटों के करीबी अंतर से जीती थी। उन्होंने 2013 के राजस्थान विधान सभा चुनाव में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और 3 बार के सांसद सुभाष महरिया को 10,723 वोटों के अंतर से हराया। इसके बाद राजस्थान विधानसभा 2015-16 की लोक लेखा समिति के सदस्य भी रहे। इसके बाद डोटासरा 2018 राजस्थान विधान सभा चुनाव लक्ष्मणगढ़ सीट से ही जीते। यह उनकी तीसरी जीत थी। इस बार उन्होंने 22052 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें 2018 में राजस्थान सरकार में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार), पर्यटन और देवस्थान राज्य मंत्री नियुक्त किया गया था। बाद में उन्हें राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष पद की भी जिम्मेदारी मिली। बाद में 20 नवंबर 2021 को उन्होंने पार्टी की एक व्यक्ति एक पद नीति का सम्मान करते हुए अपने मंत्रालय पद से इस्तीफा दे दिया।
गोविंद सिंह डोटासरा की संपत्ति
गोविंद सिंह डोटासरा के पास करोड़ों की संपत्ति है। डोटासरा के पास चल और अचल मिलाकर 2,04,08,172 की संपत्ति है। साथ ही 26,44,654 का कर्ज भी है। गोविंद सिंह डोटासरा की आय 8 लाख रुपए से ज्यादा हैं।
इस बार जोरदार टक्कर
गोविंद सिंह डोटासरा की सीट इस बार खतरे में दिख रही है। डोटासरा के सामने भाजपा ने उनके पुराने प्रतिद्वंदी सुभाष महरिया को चुनावी मैदान में उतारा है। सुभाष महरिया पहले भाजपा में थे, फिर कांग्रेस में आए और अब फिर से भाजपा में चले गए हैं। जिसके बाद बीजेपी ने सुभाष महरिया को लक्ष्मणगढ़ से चुनावी मैदान में उतार दिया है।
