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जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाएंगे राहुल गांधी? चुनावी मौसम में कह दी ये बड़ी बात

Congress Plan for Jammu-Kashmir: राहुल गांधी ने दावा किया है कि वो जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए दबाव डालेंगे। इससे एक दिन पहले जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने सात गारंटियों की घोषणा की। इनमें पहले नंबर पर जम्मू कश्मीर के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा देना शामिल है।

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राहुल गांधी।

Jammu and Kashmir Assembly Elections 2024: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि अगर केंद्र विधानसभा चुनाव के बाद भी जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल नहीं करता है तो कांग्रेस उस पर दबाव बनाएगी। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों के बाद ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलेपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस) गठबंधन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'आत्मविश्वास को हिला दिया है।'

आपका लोकतांत्रिक अधिकार छीन लिया गया- राहुल

राहुल गांधी ने कहा, 'देश के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदला गया... आपका लोकतांत्रिक अधिकार छीन लिया गया। हमने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को प्राथमिकता दी है।' उन्होंने पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र में कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित एक चुनावी रैली में कहा, 'यदि वे चुनाव के बाद राज्य का दर्जा बहाल नहीं करते हैं, तो हम उन पर दबाव डालेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपका राज्य का दर्जा बहाल हो।'

'जम्मू-कश्मीर पर दिल्ली से शासन किया जा रहा है'

कांग्रेस नेता राहुल ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर पर दिल्ली से शासन किया जा रहा है और निर्णय गैर-स्थानीय लोग ले रहे हैं। कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर धर्म, जाति, पंथ और क्षेत्र के नाम पर लोगों को बांटने के लिए नफरत फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि कांग्रेस ने उनका मुकाबला करने के लिए 'नफरत के बाजारों में प्यार की दुकानें' खोली हैं।

जम्मू-कश्मीर की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए तीन चरणों में मतदान जारी है। पहले चरण का मतदान 18 सितंबर को हुआ था। दूसरे और तीसरे चरण के लिए मतदान क्रमशः बुधवार और एक अक्टूबर को होगा। नतीजे आठ अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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