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'संविधान की रक्षा करना राष्ट्र की प्रमुख लड़ाई', राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका के लिए कह दी ये 3 बड़ी बातें

Wayanad By-Election: राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के लिए ये दावा किया है कि वो वायनाड की सबसे अच्छी सांसद साबित होंगी। उन्होंने कहा कि मैं भाग्यशाली हूं की वह मेरी बहन है। इसके साथ ही राहुल ने प्रेम और नफरत के बीच की लड़ाई का जिक्र किया और कहा कि संविधान की रक्षा करना राष्ट्र की प्रमुख लड़ाई है।

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वायनाड में चुनाव प्रचार करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी।

Rahul Gandhi on Priyanka Gandhi Vadra: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि आज देश में प्रमुख लड़ाई संविधान की रक्षा और संरक्षण के लिए है। उन्होंने कहा कि देश का संविधान नफरत से नहीं, बल्कि विनम्रता और प्रेम से लिखा गया था। लोकसभा सदस्य ने अपनी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा के लिए प्रचार के तहत यहां मनंतवडी में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'आज मुख्य लड़ाई देश के संविधान को बचाने के लिए है।' वायनाड लोकसभा उपचुनाव के लिए प्रियंका कांग्रेस की उम्मीदवार हैं।

'आत्मविश्वास और असुरक्षा के बीच की लड़ाई'

लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, 'संविधान नफरत या घृणा से नहीं लिखा गया। यह उन लोगों द्वारा लिखा गया जिन्होंने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी, जिन्होंने पीड़ा झेली, जिन्होंने वर्षों जेल में बिताए और उन्होंने संविधान को विनम्रता, प्रेम तथा स्नेह से लिखा।' उन्होंने कहा कि यह प्रेम और नफरत के बीच की लड़ाई है। गांधी ने कहा, 'आत्मविश्वास और असुरक्षा के बीच की लड़ाई। और अगर आप वास्तव में इस लड़ाई को जीतना चाहते हैं, तो आपको अपने दिल से गुस्सा, अपने दिल से नफरत को हटाकर और इसकी जगह प्रेम, विनम्रता और करुणा को लाकर मदद करनी चाहिए।' उन्होंने अपनी बहन की खूबियों का जिक्र किया और अपने बचपन की पुरानी यादें साझा कीं।

'पिता की हत्या में शामिल लड़की को गले लगाया'

राहुल गांधी ने पुरानी बातों को याद करते हुए कहा, 'वह (प्रियंका गांधी) वही इंसान है जिसने मेरे पिता (राजीव गांधी) की हत्या में शामिल लड़की को गले लगाया। नलिनी से मिलने के बाद वापस आने पर उसने मुझसे कहा कि वह भावुक हो गई और फिर उसने मुझसे कहा कि मुझे उसके लिए बुरा लग रहा है।' उन्होंने कहा, 'उसने यही सीखा है। और मेरे हिसाब से, इसी तरह की राजनीति भारत में की जानी चाहिए। नफरत की राजनीति नहीं, बल्कि प्यार और स्नेह की राजनीति की जानी चाहिए।' प्रियंका ने अपने प्रचार अभियान के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ अपना हमला जारी रखा और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने व्यापारिक मित्रों के लिए सबकुछ किया है।

उन्होंने आरोप लगाया, 'मोदी जी की सरकार केवल अपने बड़े कारोबारी मित्रों के लिए काम करती है। उनका मकसद आपको बेहतर जीवन देना नहीं है। यह आपके शिक्षित युवाओं के लिए नयी नौकरियों के अवसर देने के लिए नहीं है। यह बेहतर स्वास्थ्य या शिक्षा प्रदान करने के लिए भी नहीं है।' प्रियंका ने रविवार को अपने भाई के साथ निर्वाचन क्षेत्र में जनसभा और नुक्कड़ सभाएं कीं। पार्टी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, अपनी चुनावी पारी की शुरुआत कर रहीं कांग्रेस महासचिव सात नवंबर तक केरल में रहेंगी।

'प्रियंका आपकी सबसे अच्छी सांसद साबित होंगी'

वायनाड लोकसभा सीट पर 13 नवंबर उपचुनाव होने हैं। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को अपनी बहन और पार्टी की उम्मीदवार प्रियंका गांधी वाड्रा के समर्थन में एक रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से कांग्रेस के पक्ष में मतदान की अपील की। राहुल गांधी ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, "यह पहली बार है कि मैं अपनी बहन के लिए प्रचार करने के लिए किसी सभा में आया हूं। मेरे पहले चुनाव के दौरान मेरी बहन ने मेरे लिए प्रचार किया और तब से वह ऐसा कर रही हैं। उन्होंने हमारी मां और पिता के लिए भी प्रचार किया। वह पूरे समय एक प्रचारक रही हैं और अब तक कभी चुनाव में खड़ी नहीं हुई थीं। इससे आपको उनके बारे में बहुत कुछ पता चल जाएगा।"

मैं भाग्यशाली हूं की वह मेरी बहन है: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, "मैं भाग्यशाली हूं कि वह मेरी बहन हैं। अब, आप भी भाग्यशाली हैं कि वह मेरी बहन हैं और आपकी बहन, मां और बेटी की तरह होंगी, इसलिए मुझे विश्वास है कि वह आपकी सबसे अच्छी सांसद साबित होंगी, जो आपको मिल सकती है।" उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, "मेरी बहन एक अलग स्तर पर सोचती है। कई राजनेता किसी किसान को देखकर उस पर सिर्फ किसान का लेबल लगा देंगे। मेरी बहन ऐसा नहीं कहेगी, उसके लिए वह एक पिता है और एक भाई है। वह यह समझने की कोशिश करेगी कि वह व्यक्ति किस दौर से गुजर रहा है। वह किसान से बात करेंगी और पूछेंगी कि उचित मूल्य से वंचित होने पर उन्हें कैसा लगता है। जब वह अपने बच्चे की स्कूल फीस का भुगतान नहीं कर सकते थे या जब उनकी मां आईसीयू में थी और वह इसके लिए भुगतान नहीं कर सकते थे तो उन्हें कैसा महसूस हुआ। मैं उसे बहन के रूप में पाकर भाग्यशाली हूं और अब आप सभी भी भाग्यशाली होंगे।"

राहुल बोले- हम वायनाड की मांगों के लिए लड़ेंगे

राहुल गांधी ने कहा, "आप हर जगह देखते हैं, गुस्सा, हिंसा और नफरत दिखाई देती है, लेकिन मानवता कहां है? वह उस तरह की शख्स हैं, जिसने हमारे पिता की हत्या में शामिल लड़की को गले लगाया था। उन्हें इसी तरह की ट्रेनिंग मिली है। भारत को इसी तरह की राजनीति की जरूरत है, जो सिर्फ प्यार और स्नेह की राजनीति करे, न कि नफरत की।" उन्होंने आगे कहा कि आज सुबह जब वह वायनाड आ रही थी तो उनके पास एक लिस्ट है, जहां हम भविष्य में ध्यान केंद्रित करेंगे और वायनाड की मांगों के लिए लड़ेंगे। साथ ही वायनाड को मजबूत करेंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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