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'संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता...' सुरजेवाला और कुमारी शैलजा के BJP में शामिल होने पर बोले मनोहर लाल खट्टर

Haryana Polls: हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले सियासत गर्मा गई है। कुमारी शैलजा को बीजेपी में शामिल होने का ऑफर मिला है। इस बीच पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर ने शैलजा के साथ रणदीप सिंह सुरजेवाला के भी बीजेपी में शामिल होने की संभावना जताई है। उन्होंने कहा है कि सही समय आने पर सबको सब पता चल जाएगा।

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मनोहर लाल खट्टर।

Photo : BCCL

Haryana Polls: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक और बयान देकर हरियाणा की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने कहा, कुमारी शैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है। खट्टर का यह बयान तब आया है, जब उन्होंने एक कार्यक्रम से खुले तौर पर कुमारी शैलजा को बीजेपी में शामिल होने का ऑफर दिया था।

शनिवार को कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला के भाजपा में शामिल होने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, यह संभावनाओं की दुनिया है और संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। सही समय आने पर आपको सब पता चल जाएगा।

कुमारी शैलजा को दिया था ऑफर

मनोहर लाल खट्टर का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब उन्होंने कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा को बीजेपी में शामिल होने का ऑफर दिया था। एक कार्यक्रम में खट्टर ने कहा था कि कांग्रेस की दलित नेता कुमारी शैलजा का अपमान हुआ है। उन्हें गालियां दी गईं और अब वह अपने घर पर बैठी हैं। खट्टर ने कहा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा को इस अपमान के बावजूद कोई शर्म नहीं आई। आज एक बड़ा वर्ग सोच रहा है कि क्या करें। हमने कई नेताओं को अपने साथ मिलाया है और उन्हें भी अपने साथ लोने के लिए तैयार हैं।

पार्टी के प्रचार से दूर हैं कुमारी शैलजा

बता दें, कुमारी शैलजा कांग्रेस से नाराज बताई जा रही हैं। उन्होंने क्षेत्र में सक्रियता कम कर दी है। इसके साथ ही पार्टी के प्रचार अभियान में भी नहीं शामिल हो रहीं हैं। हालांकि, शैलजा अपने घर में समर्थकों से जरूर मिल रही हैं। ऐसे में हरियाणा में चुनाव में इस बड़े दलित चेहरे को अपने पाले में शामिल करने के लिए पार्टियों ने डोरे डालने शुरू कर दिए हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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