Amit Shah Interview: बिहार के बाद कई राज्यों में चार नवंबर शुरू हुए SIR पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ी बात कही है। एसआईआर केवल चुनावी राज्यों में कराने के विपक्ष के आरोपों को उन्होंने खारिज किया। टाइम्स नाउ एवं टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष का यह आरोप निराधार है। उन्होंने कहा कि एसआईआर एक चरणबद्ध प्रक्रिया है जिसे चुनाव आयोग समय-समय पर कराता आया है। 2026 में उन राज्यों में एसआईआर होगा जहां चुनाव हैं और 2027 में इस प्रक्रिया में वे राज्य भी शामिल हैं जहां चुनाव नहीं हैं। सवाल यह है कि मतदाता सूची में वही लोग आने चाहिए जो कि देश के नागरिक हैं।
NRC कब होगा, समय आने पर बताएंगे-गृह मंत्री
शाह ने आगे 'कहा कि देश में एसआईआर 1955 से चल रहा है। यह 2004 तक चला है और यह ज्यादातर कांग्रेस की सरकार के समय हुआ। इसमें कोई नई बात नहीं है। मतदाता सूची चुनाव आयोग तैयार करेगा। जो इसमें नहीं आएगा उसके बारे में चुनाव आयोग के साथ बैठकर हम मीमांसा करेंगे। एनआरसी कब होगा, समय आने पर इसके बारे में भी हम बताएंगे।'
'कांग्रेस शुरू से ही पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा बोलती आई है'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जन खरगे और सांसद राहुल गांधी के पीएम मोदी पर 'अभद्र' टिप्पणियों के बारे में शाह ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती आई है। एक समय मणिशंकर अय्यर जैसे नेता अभद्र भाषा बोला करते थे लेकिन जनता ने इसका जवाब दिया। शाह ने कहा, 'आप हमारे पीएम और भाजपा पर जितना कीचड़ उछालोगे, कमल और खिलकर बाहर आएगा।' कुछ दिनों पहले राहुल गांधी ने बिहार में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी वोटों के लिए मंच पर 'नाच' भी सकते हैं। सोमवार को खरगे ने कहा कि 'पीएम मोदी बिहार में ऐसे घूम रहे हैं मानो कि उनके बेटे की शादी हो।'
'देश का विकास सर्व स्पर्शीय, समावेशी होना चाहिए'
भाजपा एवं एनडीए के चुनावी घोषणाओं को फ्रीबीज कहने के आरोपों को जवाब देते हुए शाह ने कहा कि वंचित वर्ग, दलित, महिला, पिछड़े वर्ग, युवा और किसान अगर ये पीछे रह गए हैं तो इन्हें अच्छी हालत में लाना किसी भी निर्वाचित सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए। गरीब जो भी हैं सबको सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है। यही सिद्धांत है। देश का विकास सर्व स्पर्शीय और समावेशी होना चाहिए। गरीब की किताबी व्याख्या पर नहीं जानी चाहिए। आने वाले दिनों में बुनियादी संरचना और कानून व्यवस्था की बदौलत बिहार तेजी से आगे बढ़ेगा। गृह मंत्री ने कहा-मैंने कहा था कि बिहार के युवाओं का आईक्यू बहुत अच्छा है। राज्य में आईटी, डाटा स्टोरेज और सॉफ्टवेयर में बहुत सारी संभावनाएं हैं। इनका दोहन करना चाहिए।
राहुल-खरगे को बिन मांगे सलाह देता हूं-शाह
शाह ने आगे कहा कि इस देश में मनमोहन सिंह जब पीएम थे तो वह प्रचार नहीं कर पाते थे। इसे कांग्रेस और कुछ पत्रकारों ने फैशन बना दिया। पीएम से अच्छा अपनी बातों और घोषणाओं को बेहतर तरीके से और कौन रख सकता है। वह सरकार के मुखिया हैं। चुनाव में उन्हें लोग वोट देते हैं। लोगों से संपर्क करना हर राजनीतिक पार्टी की जिम्मेदारी है। राहुल और खरगे जी को सलाह देता हूं कि वे अभद्र भाषा का इस्तेमाल जितना अधिक करेंगे, कमल उतना ज्यादा खिलेगा।
