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कुशेश्वरस्थान सीट पर महागठबंधन की हालत खस्ता; वीआईपी उम्मीदवार गणेश भारती का नामांकन रद्द, JDU को फायदे की उम्मीद

दरभंगा जिले की कुशेश्वरस्थान विधानसभा सीट पर चुनावी समीकरण बदल गए हैं। वीआईपी पार्टी के उम्मीदवार गणेश भारती का नामांकन रद्द कर दिया गया है, जिससे महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है। अब इस सीट पर गठबंधन का कोई आधिकारिक प्रत्याशी नहीं बचा है, जिससे जदयू को फायदा मिलने की संभावना बढ़ गई है।

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गणेश भारती

Kusheshwar Asthan Assembly Election 2025: दरभंगा जिले की कुशेश्वरस्थान विधानसभा सीट पर चुनावी परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। महागठबंधन के समर्थन वाले वीआईपी पार्टी के उम्मीदवार गणेश भारती का नामांकन रद्द कर दिया गया है। गणेश भारती का नामांकन रद्द होने से महागठबंधन को इस सीट पर गंभीर झटका लगा है, क्योंकि अब यहां गठबंधन का कोई आधिकारिक प्रत्याशी नहीं बचा है।

नामांकन रद्द होने का मुख्य कारण यह बताया गया है कि उन्होंने वीआईपी पार्टी के सिंबल पर नामांकन दाखिल किया था, लेकिन सिंबल पत्र पर वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का हस्ताक्षर मौजूद नहीं था। इस वजह से निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन अमान्य कर दिया। राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो गणेश भारती को शुरू में राजद (RJD) ने टिकट दिया था।

बाद में तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी के बीच हुए सीट बंटवारे के फैसले के तहत यह सीट वीआईपी के पास चली गई, और गणेश भारती को वीआईपी का उम्मीदवार घोषित किया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस स्थिति से जदयू के प्रत्याशी अतिरेक कुमार को फायदा हो सकता है। स्थानीय मतदाता अक्सर पार्टी के सिंबल देखकर ही मतदान करते हैं, इसलिए महागठबंधन की स्थिति अब कमजोर मानी जा रही है।

Saket kumar
साकेत कुमारauthor

साकेत कुमार के पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 18 वर्षों का लंबा अनुभव है। वर्तमान में वह Times Now Navbharat के पटना ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं और बिहार की राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और ग्राउंड रिपोर्टिंग में गहरी पकड़ रखते हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण खबरों को कवर किया है और निष्पक्ष, तथ्यपरक और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। साकेट की रिपोर्टिंग में जमीनी हकीकत, गहन रिसर्च और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने की प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है।

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