Tejashwi Yadav: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी विवाद के बीच आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उनका नाम वोटर लिस्ट से कट गया है। तेजस्वी ने मीडिया के सामने नंबर डालकर चेक किया और दावा किया कि उनका नाम नहीं दिख रहा है। तेजस्वी ने कहा नाम वोटर लिस्ट से कट गया है, अब मैं कैसे चुनाव लडूंगा, मैंने गणना प्रपत्र भरा था। जो प्रक्रिया है उसके तहत चेक करने पर मेरा नाम नहीं आ रहा है।
तेजस्वी ने मीडिया के सामने एपिक नंबर डालकर चेक किया। तेजस्वी ने कहा कि हमारे सवाल से EC बच क्यों रहा है? ट्रांसपेरेंसी क्यों नहीं रख रहे हैं? EC बूथ वाइज लिस्ट पॉलिटिकल पार्टियों को दे। आपत्ति दर्ज करने की समय सीमा बढ़ाया जाए, इसके लिए सिर्फ सात दिनों का वक्त दिया गया है।
तेजस्वी ने कहा, सुप्रीम कोर्ट संज्ञान ले, उनसे हमारी मांग है कि EC से पूरी जानकारी मांगी जाए। ये तानाशाही है लोकतंत्र नहीं है। हम चुनौती देते हैं ज्ञानेश गुप्ता जी अगर आपने ट्रांसपेरेंसी रखी है तो हमारे सवालों का जवाब दीजिए।
SIR का पहला चरण पूरा
बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) का पहला चरण पूरा हो गया है। चुनाव आयोग ने बताया है कि 24 जून से 25 जुलाई तक चले उसके इस अभियान के दौरान राज्य के कुल 7.89 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से 7.24 करोड़ से ज्यादा वोटरों ने अपने प्रपत्र भरकर सौंप दिए हैं। इस प्रक्रिया में 91.69 प्रतिशत मतदाता शामिल हुए। EC ने इसे 'एक व्यापक और सफल नागरिक भागीदारी प्रयास' बताया। चुनाव आयोग ने कहा कि उसके इस कदम से विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची की वैधता और प्रामाणिक हुई है।
चुनाव आयोग ने कहा कि उसका यह अभियान राज्य के सभी 38 जिलों और विधानसभा की 243 सीटों पर संपन्न हुआ। चुनाव आयोग ने एक अगस्त को मसौदा मतदाता सूची (ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट) प्रकाशित कर दी। इस मतदाता सूची में जिन वोटरों के नाम नहीं हैं, उन्हें अलग से दस्तावेजों के साथ प्रपत्र भरकर भेजने होंगे। चुनाव आयोग का यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा।
