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MP Vidhan Sabha Election 2023 Result: लाड़ली बहनों के भरोसे मध्यप्रदेश की सत्ता में हुई भाजपा और शिवराज की वापसी

  • Authored by: नवीन चौहान
  • Updated Dec 3, 2023, 11:13 AM IST

शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले लागू की गई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना भाजपा के लिए मास्टरस्ट्रोक साबित हुई। जानिए इस योजना ने कैसे पलटी बाजी?

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शिवराज सिंह चौहान

भोपाल: भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश की सत्ता पर एक बार काबिज होती दिख रही है। राजनीतिक पंडित चार महीने पहले शिवराज सिंह चौहान के नेतृ्त्व वाली भाजपा सरकार की स्थिति डामाडोल मानी जा रही थी लेकिन शिवराज सिंह की राजनीतिक चाल ने सारे समीकरणों को पलटकर रख दिया। शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा लागू की गई 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' (Mukhyamantri Ladli Behna Yojana) मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में मास्टरस्ट्रोक साबित हुई। इस योजना के सैलाब में कांग्रेस पार्टी की सारी घोषणाएं बह गईं और शिवराज सिंह एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की रेस में लौट आए हैं।

बहनों और भांजियों ने जताया भरोसा

17 नवंबर को हुए मतदान में मध्यप्रदेश के 5.6 करोड़ मतदाताओं में से 77.15 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस बंपर वोटिंग के बाद भाजपा की जीत की संभावनाएं प्रबल हो गई थीं। हालांकि राजनीतिक पंडितों ये मानने को तैयार नहीं थे लेकिन मामा ने राज्य की महिला मतदाताओं पर भरोसा जताया और उन्हें एक ऐसा तोहफा दे दिया जिसे बहनें और भांजियां नकार नहीं सकीं और मामा को फिर के हाथ में फिर से सत्ता की चाबी सौंप दी।

3000 रुपये प्रतिमाह देना का है वादा

शिवराज सिंह ने लाड़ली बहना योजना को अफरा-तफरी में लॉन्च किया और राज्य की महिलाओं के खाते में 1000 हजार रुपये महीने भेजने शुरू किए। उन्होंने इस योजना का चुनावी रैलियों में बढ़चढ़कर जिक्र किया और कहा कि जैसे ही पैसे का इंतजाम होगा मैं हर महीने दिए जाने वाली राशि को चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर एक से दो और तीन हजार रुपये तक कर दूंगा। शिवराज सिंह के इस वादे पर महिला मतदाताओं ने भरोसा जताया। महिलाएं एक जुट होकर मतदान करने निकलीं। 75 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।

महिलाओं ने एकजुट होकर किया मतदान

साल 2003 में भाजपा को कांग्रेस के दस साल के राज के बाद सत्ता में लाने में महिलाओं की बड़ी भूमिका रही थी। बिजली की समस्या से हैरान महिला वोटरों ने दिग्विजय सिंह सरकार को बाहर का रास्ता दिखाया था। मतदान में 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी जो कि महिला वोटरों की वजह से हुई थी। ऐसी ही स्थिति इस बार भी हुई है। जहां हुई बंपर वोटिंग ने भाजपा की राह आसान कर दी।

नवीन चौहान
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नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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