भागलपुर : विक्रमशिला सेतु पर 28 अगस्त की मध्य रात्रि से आवागमन बंद हो जाएगा। पुल बंद होने के बाद लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन ने वैकल्पिक जलमार्ग शुरू करने की तैयारी की है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 29 अगस्त से गंगा के रास्ते यात्रियों को आर-पार कराने की योजना है। आपको बता दें कि पिछले दिनों पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थायी मरम्मत और नए स्ट्रक्चर लगाने के लिए इसे कुछ दिनों के लिए बंद किया जा जाएगा।
भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बताया कि जलमार्ग के जरिए आवागमन के लिए ज्यादातर बड़ी जलयानों का परिचालन कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुविधा मिल सके। इसके लिए इच्छुक जलयान संचालकों से नियमानुसार आवेदन लिए जाएंगे। प्रशासन जलयानों की क्षमता, सुरक्षा मानकों और संचालन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच करने के बाद ही परिचालन की अनुमति देगा।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें - Rahul Gandhi Dharna: 'जब तक FIR दर्ज नहीं होती, तब तक यहीं बैठेंगे', दिल्ली के थाने में धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका
मालवाहक जलयान का होगा इस्तेमाल
प्रस्तावित व्यवस्था में गंगा के दोनों ओर यात्रियों के आवागमन की सुविधा देने के साथ बाइक को भी जलयान के जरिए पार कराने पर विचार किया जा रहा है। वहीं, चारपहिया वाहनों के लिए सबौर के बाबूपुर गंगा घाट से संचालित मालवाहक जलयान का इस्तेमाल किए जाने की संभावना है।
हालांकि, जलमार्ग से आवागमन की पूरी व्यवस्था गंगा के जलस्तर पर निर्भर करेगी। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर पर नजर रखेगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अगर गंगा का पानी डेंजर लेवल से ऊपर पहुंचता है तो सुरक्षा के मद्देनजर नावों और जलयानों के परिचालन पर रोक लगाई जा सकती है। ऐसे में जलस्तर और परिस्थितियों के अनुसार ही जलमार्ग का संचालन किया जाएगा।
विक्रमशिला सेतु बंद होने के मद्देनजर प्रशासन की ओर से लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जलयानों की जांच और अनुमति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 29 अगस्त से इस वैकल्पिक मार्ग को शुरू करने की तैयारी है।
