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अखिलेश यादव या मायावती, महाराष्ट्र चुनाव में किस पार्टी ने खर्च किया ज्यादा? रिपोर्ट में सामने आया सबकुछ

Maharashtra Elections: क्या आप जानते हैं कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी ने कितने करोड़ रुपये खर्च किए? रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र चुनाव में बसपा ने 3.92 करोड़, सपा ने 1.25 करोड़ रुपये खर्च किए। आपको इससे जुड़ी हर डीटेल बताते हैं।

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अखिलेश यादव और मायावती

Spent in Maharashtra Chunav: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने हाल ही में संपन्न महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान 3.92 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार पर खर्च 2.17 करोड़ रुपये शामिल हैं। निर्वाचन आयोग को सौंपी गई व्यय रिपोर्ट के मुताबिक, बसपा ने महाराष्ट्र में अपने उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास को प्रकाशित कराने पर 1.75 करोड़ रुपये खर्च किए।

मायावती की हवाई यात्रापर पर कितने रुपये हुए खर्च?

रिपोर्ट के अनुसार, बसपा ने राज्य में चुनाव प्रचार के लिए पार्टी प्रमुख मायावती की हवाई यात्रापर 55.75 लाख रुपये का व्यय किया। रिपोर्ट में बसपा ने अपने विभिन्न बैंक खातों में 570 करोड़ रुपये की जमा राशि दिखाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड विधानसभा चुनावों में बसपा ने प्रचार पर 1.58 करोड़ रुपये सहित कुल 2.52 करोड़ रुपये खर्च किए। पार्टी ने झारखंड में अपने उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास को प्रकाशित कराने पर 93.71 लाख रुपये खर्च किए, जबकि राज्य में प्रचार के लिए मायावती की विमान एवं हेलीकॉप्टर यात्रा पर 1.23 करोड़ रुपये का व्यय हुआ।

नाना पटोले को प्रचार के लिए केवल 40 लाख रुपये दिए

कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के संबंध में केवल आंशिक व्यय रिपोर्ट दी है। पार्टी ने महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख नाना पटोले को प्रचार के लिए केवल 40 लाख रुपये दिए। रिपोर्ट में कांग्रेस झारखंड चुनाव पर खर्च की गई राशि के बारे में कुछ नहीं बताया है।

महाराष्ट्र में सपा ने 1.25 करोड़ रुपये खर्च करने की जानकारी दी

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने अपनी व्यय रिपोर्ट में झारखंड चुनाव में प्रत्याशियों के प्रचार पर कुल 9.95 लाख रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी है। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) ने निर्वाचन आयोग को सौंपी गई व्यय रिपोर्ट में दोनों चुनावी राज्यों में अपने 27 उम्मीदवारों के प्रचार पर कुल 1.82 करोड़ रुपये का खर्च दिखाया है। पार्टी ने झारखंड में 57 लाख रुपये और महाराष्ट्र में 1.25 करोड़ रुपये खर्च करने की जानकारी दी है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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