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महाराष्ट्र में महायुति की बड़ी जीत, झारखंड में JMM ने बचाई विपक्ष की 'लाज'; देखें दोनों राज्यों का चुनाव परिणाम

Maharashtra and Jharkhand Election Result: चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र की 288 सीटों के नतीजे आ चुके हैं और BJP नीत महायुति ने 234 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की है। वहीं झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन ने 56 सीटों पर जीत हासिल की है।

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महाराष्ट्र-झारखंड चुनाव परिणाम।

Maharashtra and Jharkhand Election Result: लोकसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन ने महाराष्ट्र में शानदार प्रदर्शन किया था लेकिन विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत गठबंधन ने उसके चुनावी जीत के सफर पर विराम लगा दिया। हालांकि, विपक्षी पार्टियां झारखंड में झामुमो नीत गठबंधन की भाजपा नीत गठबंधन पर हुई शानदार जीत से उत्साहित होंगी। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र की 288 सीटों के नतीजे आ चुके हैं और BJP नीत महायुति ने 234 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की है। वहीं झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन ने 56 सीटों पर जीत हासिल की है।

महाराष्ट्र का चुनाव परिणाम

महाराष्ट्र के चुनाव परिणाम पर नजर डालें तो महायुति ने 234 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं महाविकास अघाड़ी 49 सीटों पर सिमट कर रह गया है। इसके अलावा अन्य के खाते में 5 सीटें आई हैं। भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा ने महाराष्ट्र में 149 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 132 पर जीत हासिल की है। वहीं, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को भी जनता का साथ मिला है। पार्टी ने 57 सीटें हासिल की हैं। अजित पवार की एनसीपी को 41 सीटें मिली हैं।

देखें पूरा चुनाव परिणाम

भाजपा- 132

शिवसेना- 57

एनसीपी- 41

शिवसेना (उद्धव गुट)- 20

कांग्रेस- 16

एनसीपी (शरद पवार) - 10

सपा- 2

झारखंड का चुनाव परिणाम

महाराष्ट्र विधानसभा और उपचुनावों में बड़ी हार का सामना करने वाले विपक्ष को झारखंड में राहत मिली है। 81 सीटों वाले इस राज्य में इंडिया गठबंधन को 56 सीटों पर जीत मिली है। वहीं भाजपा के खाते में 24 सीटें आई हैं। अन्य के खाते में एक सीट आई है। यहां 34 सीटों के साथ जेएमएम सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

देखें पूरा चुनाव परिणाम

जेएमएम- 34

बीजेपी- 21

कांग्रेस- 16

राजद- 4

सीपीआई(ML)- 2

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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