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Lok Sabha Chunav: पहले चरण की 102 सीटों पर नामांकन आज से शुरू, यूपी की 8 सीटें भी शामिल, जानें कहां से कौन प्रत्याशी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 20, 2024, 07:34 AM IST

Lok Sabha election First phase Nomination: देश के 21 राज्यों की 102 सीटों पर आज से नामांकन शुरू हो रहे हैं। इसमें यूपी की थी 8 सीटें शामिल हैं। खास बात यह है कि इन आठ सीटों में कुछ सीट ऐसी हैं, जहां से मुख्य दलों ने अब तक अपने प्रत्याशी तक नहीं घोषित किए हैं।

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लोकसभा चुनाव पहले चरण के नामांकन आज से शुरू

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • पहले चरण में 21 राज्यों की 102 सीटों पर होना है मतदान।
  • 19 अप्रैल को इन सीटों के लिए होगी वोटिंंग।
  • कई सीटों पर अब तक घोषित नहीं किए गए प्रत्याशी।

Lok Sabha election First phase Nomination: लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। चुनाव सात चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल होगा, जिसमें यूपी की आठ सीटों समेत देशभर की कुल 102 निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया भी आज से शुरू हो रही है। नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 27 मार्च तय की गयी है। चुनाव आयोग के मुताबिक, नामांकन पत्रों की जांच 28 मार्च को होगी, जबकि नाम वापसी की आखिरी तारीख 30 मार्च है।

खास बात यह है कि कई बड़े दलों ने अब तक कई सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। ऐसे में अब तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अकेले यूपी की ही बात करें तो रामपुर सीट पर सपा की ओर से अब तक प्रत्याशी नहीं उतारा गया है। वहीं बिजनौर और मुजफ्फरनगर में बसपा कैंडिडेट का भी ऐलान नहीं हुआ है। इसी तरह मुजफ्फरनगर में अब तक तीनों मुख्य पार्टियों की ओर से उम्मीदवारी तय नहीं की गई है। आइए जानते हैं पहले चरण में कहां-कहां मतदान है। खासकर यूपी की आठ सीटों पर कौन-कौन प्रत्याशी है, वहां के समीकरण क्या हैं?...

पहले चरण में कहां-कहां मतदान

राज्य सीटें
अरुणाचल प्रदेश 2
असम5
बिहार 4
छत्तीसगढ़1
मध्य प्रदेश 6
महाराष्ट्र5
मणिपुर 2
मेघालय 2
मिजोरम1
नगालैंड1
राजस्थान 12
सिक्किम 1
तमिलनाडु39
त्रिपुरा 1
उत्तर प्रदेश 8
उत्तराखंड 5
पश्चिम बंगाल 3
अंडमान एवं निकोबार1
जम्मू-कश्मीर 1
लक्षद्वीप1
पुडुचेरी1

उत्तर प्रदेश की किन-किन सीटों पर चुनाव

पहले चरण में उत्तर प्रदेश की जिन सीटों पर चुनाव होने हैं। उसमें सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर व पीलीभीत। 2019 में इन आठ सीटों में से तीन भाजपा, तीन बसपा व दो सपा ने जीतीं थीं। हालांकि, 2014 के चुनाव में बीजेपी ने इस सभी सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, 2019 में सपा-बसपा और रालोद के गठबंधन के आगे भाजपा कमजोर साबित हुई और सिर्फ तीन सीटें ही बचा पाई। हालांकि, इस बार समीकरण एक बार फिर से बदल चुके हैं। बसपा जहां राज्य में अकेले चुनाव लड़ रही है तो वहींं जयंत चौधरी की रालोद एनडीए गठबंधन में शामिल हो गई है। वहीं, इंडिया गठंधन के तहत सपा और कांग्रेस में गठबंधन हुआ है।

यूपी की आठ सीटों पर किस पार्टी से कौन प्रत्याशी

लोकसभा सीट एनडीएइंडिया गठबंधनबसपा
सहारनपुर----माजिद अली
कैरानाप्रदीप कुमार (BJP) इकरा हसन(SP)श्रीपाल राणा
मुजफ्फरनगरसंजीव बालियान (BJP)हरेंद्र मलिक(SP)दारा सिंह प्रजापति
बिजनौरचंदन चौहान (RLD)यशवीर सिंह(SP) चौधरी विजेन्द्र सिंह
नगीनाओम कुमार (BJP) मनोज कुमार(SP) गिरीश जाटव
मुरादाबाद----इरफान सैफी
रामपुरघनश्याम लोधी (BJP)
पीलीभीत----अनीश अहमद

यूपी में 15.34 करोड़ मतदाता

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा के मुताबिक, फिलहाल उत्तर प्रदेश में 15.34 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 8.17 करोड़ पुरुष और 7.17 करोड़ महिलाएं हैं। इसके अलावा 6,638 तृतीय लिंग (ट्रांसजेंडर) मतदाता और 12.51 लाख से अधिक दिव्यांग मतदाता भी हैं। राज्य में 1.62 लाख से अधिक मतदान केंद्र हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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