Delhi Assembly Election 2025: क्या अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को इस बार के दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलनी पड़ेगी? उन्हीं के पार्टी के सदस्य रहे 8 विधायक ये कह रहे हैं कि इस बार के चुनाव में जनता अरविंद केजरीवाल को जवाब देगी, क्योंकि उन्होंने विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बेचा है। दरअसल, दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (आप) को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा। 'आप' के आठ विधायकों ने पार्टी छोड़ दी। सभी विधायक इस बार टिकट नहीं मिलने से नाराज थे।
केजरीवाल ने टिकट बेचकर हमारे साथ किया धोखा
दिल्ली के हरि नगर विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (आप) की मौजूदा विधायक राजकुमारी ढिल्लों का टिकट पार्टी ने काट दिया। इसके बाद वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र में एक बड़ी बाइक रैली का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह पंजाब में 1000 रुपये नहीं दे पाए, तो अब 2100 रुपये देने का वादा झूठा है। पार्टी ने ऐन मौके पर हमारा टिकट काटकर सुरिंदर सेतिया को उम्मीदवार बनाया, जो उनके साथ और हरि नगर की जनता के साथ विश्वासघात है। केजरीवाल ने टिकट बेचकर हमारे साथ धोखा किया है। यह लड़ाई अब सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे हरि नगर विधानसभा की है।
'ग्रंथियों और पुजारियों को वो भला क्या सम्मान राशि देंगे'
राजकुमारी ढिल्लों ने कहा कि ग्रंथियों और पुजारियों को वो भला क्या सम्मान राशि देंगे। वह मस्जिद के मौलवियों को भी सैलरी देने की बात कहीं थी, लेकिन दे नहीं पाए। केजरीवाल सिर्फ झूठ बोलने का काम करते करते हैं। आम आदमी पार्टी के पास इतना पैसा और संसाधन चुनाव लड़ने के लिए कहां से आ रहा है। इन्होंने करोड़ों रुपये में टिकट दूसरे प्रत्याशियों को बेचे हैं।
निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहीं ढिल्लों
आपको बता दें कि राजकुमारी ढिल्लों ने टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। हाल ही में अरविंद केजरीवाल की एक रैली के दौरान भी राजकुमारी ढिल्लो ने अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया, इससे रैली में हंगामा हुआ था। वहीं आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दिल्ली में आप सरकार बनाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस बार बहुत अच्छा माहौल है। विधानसभा चुनाव को हम बड़े अंतर से जीतने जा रहे हैं। जिस तरह से हमें लोगों का समर्थन मिल रहा है, उसे देखते हुए हमें लगता है कि एक बार फिर से दिल्ली में 'आप' की सरकार बनने जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए 5 फरवरी को मतदान होगा और नतीजों की घोषणा 8 फरवरी को होगी।
किन-किन विधायकों ने छोड़ी आम आदमी पार्टी?
पार्टी छोड़ने वालों में राजेश ऋषि, नरेश यादव, भावना गौड़, रोहित महरौलिया, बीएस जून, मदन लाल, पवन शर्मा और गिरीश सोनी शामिल हैं। सभी ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और स्पीकर को पत्र लिखकर विधानसभा की सदस्यता भी छोड़ दी। महरौली विधानसभा से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक नरेश यादव ने पार्टी से इस्तीफा दिया। उन्होंने यह कदम टिकट काटे जाने के बाद उठाया। इस्तीफा देने के साथ ही नरेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए अपने क्षेत्रवासियों को इस निर्णय की जानकारी दी।
इस्तीफा देते हुए नरेश यादव ने केजरीवाल को कोसा
नरेश यादव ने इस्तीफा देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी का गठन भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना आंदोलन से हुआ था, जिसका उद्देश्य भारतीय राजनीति से भ्रष्टाचार को समाप्त करना था। हालांकि, उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि अब आम आदमी पार्टी खुद भ्रष्टाचार के दलदल में फंसी हुई है, जो पहले कभी भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ी थी।
उन्होंने अपने बयान में कहा, "मैंने आम आदमी पार्टी को ईमानदारी की राजनीति के लिए ज्वाइन किया था, लेकिन अब पार्टी में कहीं भी ईमानदारी नजर नहीं आ रही। महरौली विधानसभा में पिछले 10 सालों से मैंने पूरी ईमानदारी से काम किया और वहां के लोग जानते हैं कि मैंने हमेशा अच्छे व्यवहार और काम की राजनीति की है।" उन्होंने आगे कहा कि महरौली के लोगों से चर्चा की, जिन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी अब पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया, "दिल्ली की जनता जानती है कि पार्टी ने भ्रष्टाचारियों को ही अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है।" उन्होंने अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह हमेशा ईमानदारी की राजनीति करेंगे और अपने क्षेत्रवासियों से आगे भी उनका समर्थन चाहते हैं। उन्होंने दिल्ली की जनता से वादा किया कि वे हमेशा अच्छे व्यवहार और काम की राजनीति करेंगे।
नरेश यादव ने कहा कि आम आदमी पार्टी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दिया है और इसके सभी पदों से मुक्त होने का अनुरोध किया है। नरेश यादव की तरह ही पार्टी के सभी इस्तीफा देने वाले विधायकों के पत्र सामने आए हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र की जनता के लिए पत्र जारी करते हुए सोशल मीडिया पर भी इस्तीफे की बात लिखी।
