Karnataka Election Result: कर्नाटक में अगली सरकार किसकी होगी, ये आज यानि कि शनिवार (13 May 2023) को साफ हो जाएगा। बीजेपी सत्ता में वापसी करेगी या फिर कांग्रेस पटखनी देगी ये आठ बजे के बाद आने वाले रिजल्टों से साफ हो जाएगा। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार 8 बजे से काउंटिंग शुरू हो जाएगी।
सुरक्षा के सख्त इंतजाम
मतगणना राज्य भर के 36 केंद्रों में सुबह 8 बजे शुरू होगी। चुनाव अधिकारियों को परिणाम के बारे में एक स्पष्ट तस्वीर दोपहर तक सामने आने की उम्मीद है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कर्नाटक में, विशेषकर मतगणना केंद्रों के अंदर और आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। राज्य में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को चुनाव में 73.19 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया था।
एग्जिट पोल में कांग्रेस को बढ़त
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल में बीजेपी को नुकसान होता दिख रहा है। एग्जिट पोल के अनुसार राज्य में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। कुछ एग्जिट पोल में कांग्रेस को बहुमत भी मिलता दिख रहा है। साथ ही जेडीएस फिर से किंगमेकर की भूमिका में सामने आ सकती है।
भाजपा का दावा
कर्नाटक विधानसभा चुनाव की मतगणना से एक दिन पहले मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलने का विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि अन्य राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन के लिए बातचीत का सवाल ही नहीं उठता। बोम्मई ने आज पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के आवास पर पार्टी के नेताओं मुरुगेश निरानी, बैराथी बसवराज, लहर सिंह सिरोया और ए टी रामास्वामी सहित अन्य नेताओं से मुलाकात की।
कांग्रेस का दावा
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने शुक्रवार को उन एग्जिट पोल को खारिज कर दिया जिनमें यह अनुमान जताया गया है कि पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी, लेकिन विधानसभा में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलेगा। शिवकुमार ने दावा किया कि पार्टी कम से कम 141 सीटें जीतेगी और बहुमत की सरकार बनाएगी।
दावों से इतर पार्टियों की रणनीति
कर्नाटक विधानसभा चुनाव की मतगणना से एक दिन पहले सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस दोनों ने शुक्रवार को अपनी-अपनी रणनीति पर चर्चा की और निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क साधने को लेकर मंथन किया। कांग्रेस अध्यक्ष एम. मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर पार्टी महासचिव और कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख डी.के. शिवकुमार और पूर्व उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर सहित अन्य नेताओं के बीच गहन चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेताओं ने नवनिर्वाचित विधायकों को एकजुट रखने के तरीकों पर चर्चा की और स्पष्ट जनादेश न होने की स्थिति में निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क साधने के बारे में भी विचार-विमर्श किया। भाजपा खेमे में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के आवास पर मंत्रियों मुरुगेश निरानी, बैराथी बसवराज, पार्टी सांसद लहर सिंह सिरोया और ए.टी. रामास्वामी सहित पार्टी के अन्य नेताओं के साथ चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेताओं ने भी अपने नवनिर्वाचित विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति बनाई है। पार्टी निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ ही छोटे दलों के ऐसे उम्मीदवारों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है, जिनके जीतने की संभावना है। वहीं, जद (एस) नेता एच.डी. कुमारस्वामी की अनुपस्थिति में पार्टी संरक्षक और पूर्वप्रधान मंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने कथित तौर पर पार्टी के उन उम्मीदवारों से संपर्क किया है, जो जीत सकते हैं।
