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कर्नाटक में गरजे अमित शाह: कांग्रेस पर बोला जोरदार हमला; जगदीश शेट्टार को लेकर किया चौंकाने वाला दावा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 25, 2023, 02:26 PM IST

Amit Shah in Karnataka: अमित शाह ने बागलकोट में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा लिंगायत समुदाय का अपमान किया है। आज कांग्रेस पार्टी भाजपा से आए हुए नेताओं के सहारे चुनाव लड़ रही है, यह दिखाता है कि कांग्रेस दिवालियेपन का शिकार है।

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (स्क्रीन ग्रैब)

Photo : ANI

Amit Shah in Karnataka: कर्नाटक विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ती जा रही है। कांग्रेस जहां भाजपा पर हमलावर है, तो भाजपा नेता भी कांग्रेस पर निशाना साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इस बीच कर्नाटक पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। बागलकोट में एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा लिंगायत समुदाय के नेताओं का अपमान किया है।

अमित शाह ने इस दौरान भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, इन नेताओं के आने से कांग्रेस खुश है, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि इससे आपको कोई फायदा नहीं होने वाला है। आपने हमेशा लिंगायत समुदाय का अपमान किया है। इतने लंबे शासनकाल में इस समुदाय ने दो मुख्यमंत्री दिए, एस निजिलिंगप्पा और वीरेंद्र पाटिल, लेकिन कांग्रेस ने दोनों का अपमान करकर उन्हें बाहर निकाल दिया।

कांग्रेस में आ गया है दिवालियापन

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, कांग्रेस पार्टी आज भाजपा से आए हुए नेताओं के सहारे चुनाव लड़ रही है। यह बताता है कि कांग्रेस में दिवालियापन है। आप भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं के भरोसे चुनाव लड़ते हैं। उन्होंने कहा, भाजपा ने जब येदियुरप्पा को सीएम बनाया, तब जेडीएस का उपयोग करके येदियुरप्पा को हटाने वाली कांग्रेस पार्टी है और आज हमारे नेताओं के सहारे आगे बढ़ना चाहते हैं।

शेट्टार पर लेकर किया चौंकाने वाला दावा

अमित शाह ने इससे पहले भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए जगदीश शेट्टार को लेकर चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा, आगामी विधानसभा चुनाव में जगदीश शेट्टार खुद विधानसभा चुनाव हारने वाले हैं। शाह ने कहा, हुब्बली की जनता ने हमेशा भारतीय जनता पार्टी को वोट किया है। इस बार भी यहां की जनता भाजपा उम्मीदवार को वोट करेगी। उन्होंने कहा, भाजपा कार्यकर्ता एकजुट हैं और इस सीट पर जगदीश शेट्टार की हार होगी।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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