Jodhpur Lok Sabha Constituency: जोधपुर लोकसभा सीट पर कभी कांग्रेस का दबदबा था, अशोक गहलोत खुद इस सीट से जीतते रहे थे, लेकिन पिछले 10 सालों से बीजेपी ने जोधपुर को अपना नया गढ़ बना लिया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इस सीट से दो बार जीत चुके हैं। यह सीट हाईप्रोफाइल रही है।
जोधपुर लोकसभा सीट का इतिहास
राजस्थान में एक महत्वपूर्ण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र जोधपुर का चुनावी इतिहास काफी समृद्ध रहा है, जिसमें राजनीतिक दलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। आठ विधानसभा सीटों वाले इस निर्वाचन क्षेत्र का राजनीतिक परिदृश्य अनूठा है, जिसमें एक विधानसभा सीट जैसलमेर जिले में और बाकी जोधपुर में है। जोधपुर की राजनीतिक विरासत में राजपरिवार के तीन सदस्य सांसद बने हैं, जिनमें हनुमंत सिंह, कृष्णा कुमारी और चंद्रेश कुमारी शामिल हैं। अशोक गहलोत इस सीट से 5 बार जीत चुके हैं। जोधपुर सीट से भाजपा ने लगातार तीसरी बार गजेंद्र सिंह शेखावत को मैदान में उतारा है। इस बार कांग्रेस ने करण सिंह उचियारड़ा ने टिकट दिया है।
विधानसभा का समीकरण
जोधपुर लोकसभा सीट के आठ विधानसभा सीटों में से केवल एक पर कांग्रेस का कब्जा है। बाकी सातों विधानसभा पर बीजेपी को जीत मिली है। जो एक सीट कांग्रेस के पास है, वो अशोक गहलोत की सीट है।
जोधपुर सीट पर जातीय समीकरण
जोधपुर के मतदाताओं में ग्रामीण और शहरी जनसांख्यिकी का मिश्रण देखने को मिलता है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों की हिस्सेदारी 58 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय क्रमशः 15 प्रतिशत और 3.9 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं। धार्मिक जनसांख्यिकी के संदर्भ में, हिंदू 80 प्रतिशत के साथ बहुमत में हैं, उसके बाद मुस्लिम 15 प्रतिशत और अन्य धार्मिक समूह 5 प्रतिशत पर हैं।
