Jind Haryana Vidhan Sabha Chunav 2024: हरियाणा का दिल कहे जाने वाले जींद में इस बार कांटे का मुकाबला है। इस सीट पर मतदान पांच अक्टूबर को होगा। उम्मीदवारों का ऐलान हो जाने के बाद यहां का सियासी पारा गरम हो गया है। चुनाव प्रचार के जरिए वोटरों को साधने की कवायद चल रही है। पार्टियों के समर्थक अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं लेकिन जनता क्या सोच रही है और उसके मन में क्या चल रहा है, इसका पता आठ नवंबर को चलेगा। इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार कृष्ण लाल मिड्ढा और कांग्रेस उम्मीदवार महावीर गुप्ता हैं।
भाजपा से निराशा
ज्यादातर युवा मौजूदा सरकार यानी भाजपा सरकार से निराश दिखते हैं। इन्हें लगता है कि इस सरकार में कोई काम नहीं हुआ। युवाओं को लगता है कि जींद का विकास जितना होना चाहिए था। वह नहीं हुआ, वे मानते हैं कि बाकी जिलों के मुकाबले यहां विकास कम हुआ है। राजनीतिक दल अपनी रैलियां तो यहां करते हैं लेकिन उन्होंने जींद को उसका वाजिब हक नहीं दिया।
किसान आंदोलन भी मुद्दा
किसान बहुल हरियाणा के इस चुनाव में किसान आंदोलन एक मुद्दा है। इस आंदोलन के प्रति सरकार का जो रवैया था, उससे युवाओं के मन में एक टीस है। उनका कहना है कि जान गंवाने वाले किसानों को इंसाफ नहीं मिला। इसलिए वे इस बार कांग्रेस को मौका देना चाहते हैं। युवाओं में रुझान किसी एक पार्टी के लिए नहीं बल्कि भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए है। एक युवा ने कहा कि वह इसलिए भाजपा को वोट देंगे क्योंकि उनके पिता-दादा भाजपाई हैं तो कई ऐसे भी लोग भी हैं जो विकास कार्यों के लिए भाजपा की तारीफ करते हैं। ऐसे लोग भी हैं जो मानते हैं कि चुनाव में महंगाई और बेरोजगारी मुद्दा है।
राहुल नहीं हुड्डा के नाम पर वोट
लोगों का कहना है कि जींद में मुकाबला एकतरफा नहीं है। मुकाबला अभी 50-50 का है और अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। जींद के लोगों से बातचीत यह बात समझ में आई कि इस सीट पर मुख्य रूप से लड़ाई भाजपा और कांग्रेस के बीच है। यहां चुनावी मुद्दा स्थानीय न होकर जातीय ज्यादा है। यानी कि मुख्य लड़ाई पंजाबी और बनिया समुदाय के बीच है। पंजाबी भाजपा उम्मीदवार कृष्ण लाल मिड्ढा के साथ हैं तो बनिया और जाट बिरादरी इस बार कांग्रेस प्रत्याशी महावीर गुप्ता के साथ है। यहां इनेलो, जजपा और आप लड़ाई में नहीं हैं। हां, एक बात और यहां कांग्रेस की पसंद की वजह भूपिंदर सिंह हुड्डा हैं न कि राहुल गांधी।
